#खुशी

# अलमारी से झांकती किताबें # 

यूँ ना छोड़ ज़िन्दगी की किताब को खुला बेवक्त की हवा ना जाने कौन सा पन्ना पलट दे .. आज सुबह सुबह जब मैं पार्क में टहलने गया तो  कुछ दोस्त वहाँ  मिल गए , दुआ सलाम के बाद हमलोग… Read More ›

#मैं कुछ अजूबे लिखना चाहता हूँ # 

हर मनुष्य का यही लक्ष्य होता है कि वह हमेशा खुश रहे | इसके लिए तरह तरह के उपाय ढूंढता है, लेकिन आज के बाहरी माहौल कुछ इस तरह का है कि हम उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते… Read More ›

#मोहब्बतें बेच रहा हूँ# 

आज जब समाचार पत्र पर नजरे  जाती है तो ऐसा महसूस होता है कि आज नफ़रतों का बाज़ार गरम है | ज़्यादातर समाचार मन को दुख पहुँचने वाली ही होती है | ऐसा लगता है जैसे आपसी भाई-चारा और प्रेम… Read More ›

#किस्मत की लकीरें #– 13 

तुम्हारे प्यार की दास्तान हमने अपने दिल में लिखी है न थोड़ी न बहुत , बे-हिसाब लिखी है किया करो हमें भी अपनी दुआओं में शामिल हमने अपनी हर एक सांस तुम्हारे नाम लिखी है | वह पत्रकार अचानक कालिंदी… Read More ›

# किस्मत की लकीरें #– 12 

कौन कहता है कि इंसान किस्मत खुद लिखता है अगर यह सच है तो किस्मत में दर्द कौन लिखता है .. कालिंदी  ऑफिस में पहुँच कर बड़े साहब का अभिवादन किया | कालिंदी को देखते ही बड़े  साहब अपने कुर्सी… Read More ›

# किस्मत की लकीरें # – 11 

अपने हौसले को यह मत बताओ कि तुम्हारी परेशानी कितनी बड़ी है, अपनी परेशानी को यह बताओ कि तुम्हारा हौसला कितना बड़ा है .. उन पाँच खतरनाक अपराधियों के मारे जाने की खबर चारो  तरह आग की तरह फ़ैल गयी… Read More ›

# किस्मत की लकीरें #– 10

मंगलू के इतिहास और काले कारनामो की  लिस्ट लम्बी थी | कालिंदी बड़े ध्यान से उसके फाइल का अध्ययन कर रही थी तभी उस के  मोबाइल की घंटी बजी | कालिंदी ने जैसे ही फ़ोन उठाया तो उधर से आवाज़ … Read More ›