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दोस्तों , हम हर साल मई माह के प्रथम रविवार को world laughter day मनाते है | यह एक ऐसा दिन है , जब हम खुल कर हँसने की कोशिश करते है और कुछ समय के…
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# Morning Walk #
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रोज की ?तरह आज भी सुबह 5.00 बजे नींद से जगा , और Morning Walk के लिए तैयार हो गया |थोड़ी थोड़ी ठंडक थी सुबह की ?हवाओं में | बसंत का आगमन हो चूका था और…
# Love Story #
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एक आर्मी का नौजवान जिसे ट्रान्सफर होकर एक नई लोकेशन पर पोस्टिंग मिली | वहाँ उसका कोई दोस्त नहीं था क्योंकि नई जगह थी | छोटी जगह होने के कारण वहाँ मनोरंजन के कोई साधन भी…
# इस रिश्ते को क्या नाम दूँ # …26
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आज तीन दिनों की छुट्टी के बाद बैंक खुला, तो भीड़ होना स्वाभिक था | मैं कुछ परेशान सा ब्रांच को सामान्य करने की कोशिश कर रहा था | तभी मेरे चैम्बर में फ़ोन की घंटी…
# अच्छे कर्मो का फल #
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किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि कैलंडर हमेशा तारीखे बदलता रहता है लेकिन एक दिन, एक तारीख ऐसी भी आती है जो हमेशा के लिए उस कैलेंडर को ही बदल देती है |…
# संघर्ष ही ज़िन्दगी है #..25
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Image Source: Google.com आज शिवगंज शाखा में मेरा पहला दिन | मैं अपनी सीट पर बैठने वाला था कि चपरासी “कालू राम” दौड़ता हुआ मेरे पास आया और बोला आप इस सीट पर बैठने के पहले…
# नोंक-झोंक #
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.मैं ने यह कहानी पढ़ा तो दिल को छू गया। मैँ ने महसूस किया कि इसे कहानी क्यों कहा जाए, यह हकीकत क्यों नही हो सकता..| हम समझते है कि बुढापा एक अभिशाप है, अगर ऐसी…
# दिल की बातें # …24
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हमलोग “महावीर टाकीज़” से मूवी देख कर निकलते हुए काफी खुश थे | ना जाने कितने दिनों बाद आज मूवी देखने का मौका मिला था, वो भी दोस्तों के साथ | शिवगंज में रहने से एक…
# अध्यात्म और बुढापा #
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source:Google.com वैसे तो अध्यात्म (Spirituality) को परिभाषित करना आसान नहीं है –.अलग अलग लोग अपनी तरह से इसे समझते है | ,कुछ का मानना है कि अध्यात्म एक दर्शन है | किसी ने कहा है spirituality बुढ़ापे…
# हँसते ज़ख्म #…23
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चुप चुप सी मोहब्बत में नकाब हजारों हैं …. बात नहीं होती तो क्या हुआ , खामोशियों में ज़बाब हजारों हैं दुनिया की नज़र में अजनबी हो तुम , मगर दरमियाँ अपने हिसाब हजारों है |…