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# अच्छे कर्मो का फल #

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किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि कैलंडर हमेशा तारीखे बदलता रहता है लेकिन एक दिन, एक तारीख ऐसी भी आती है जो हमेशा के लिए उस कैलेंडर को  ही बदल देती है |…

# संघर्ष ही ज़िन्दगी है #..25

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Image Source: Google.com आज शिवगंज शाखा में मेरा पहला दिन | मैं अपनी सीट पर बैठने वाला था कि चपरासी “कालू राम” दौड़ता हुआ मेरे पास आया और बोला आप इस सीट पर बैठने के पहले…

# नोंक-झोंक #

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.मैं ने यह कहानी पढ़ा तो दिल को छू गया। मैँ ने महसूस किया कि इसे कहानी क्यों कहा जाए, यह हकीकत क्यों नही हो सकता..| हम समझते है कि बुढापा एक अभिशाप है, अगर ऐसी…

# दिल की बातें # …24

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हमलोग  “महावीर टाकीज़” से मूवी देख कर निकलते हुए काफी खुश थे | ना जाने कितने दिनों बाद आज मूवी देखने का मौका मिला था, वो भी दोस्तों के साथ | शिवगंज में रहने से एक…

# अध्यात्म और बुढापा #

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source:Google.com वैसे तो अध्यात्म (Spirituality) को परिभाषित करना आसान नहीं है –.अलग अलग लोग अपनी तरह से इसे समझते है | ,कुछ का मानना है कि अध्यात्म एक दर्शन है | किसी ने कहा है spirituality बुढ़ापे…

# हँसते ज़ख्म #…23

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चुप चुप सी मोहब्बत में नकाब हजारों हैं …. बात नहीं होती तो क्या हुआ , खामोशियों में ज़बाब हजारों हैं दुनिया की नज़र में अजनबी हो तुम , मगर दरमियाँ अपने हिसाब हजारों है |…

# मन की बात #

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आज रमेश ऑफिस से आते ही अपनी पत्नी वंदना से कहा .. सुनो ..आज बाहर  रेस्तरां में जो पिज़्ज़ा (Pizza) का प्रोग्राम है,  मैं सोचता हूँ cancel कर दूँ | पत्नी समझ गई ,ये corona virus …

# मेरे अधूरे सवाल # ..22

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source:Google.com एक अधुरा सवाल है उनसे जो परेशान करता है एक चेहरा है उनका जो सोने नहीं देता कभी कभी ज़िन्दगी भी ऐसे ही चलती है… इस बैंक की नौकरी  का पहला ट्रान्सफर था ..या कह…

# ममता की छाँव में #….

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नयना आज बहुत उदास थी, क्योकि आज उसकी माँ की  बरसी  थी | आज सुबह – सुबह  उसने  माँ के फोटो  के सामने एक कैंडल जलाया और एक बुके रख कर फुट फुट रोई | आज…

# एक सजा और सही #…21

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source:Google.com इलायची की महक ओढ़े अदरक का श्रृंगार करके सजी थी, केतली की दहलीज़ से निकल कर प्याली की डोली में वो बैठी थी इस भागते हुए वक़्त पर…. कैसे लगाम लगाया जाए ऐ वक़्त …तू?…