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# एक किताब का दर्द #

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मैं एक किताब हूँ , .कोई मुझे  “दिल की किताब” कहता है तो कोई दिल से लगा कर रखता है | मैं हर तरह के लोगों के लिए बनी  हूँ | जो जैसा पसंद करे वैसा…

# मैं कलम हूँ #

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रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है? मैं कुछ लिखने के लिए अपने कलम  को ढूंढ रहा…

# तस्वीर बनाता हूँ मैं #

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आज का ब्लॉग लिखने में कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है | वैसे प्रत्येक ब्लॉग लिखने में ख़ुशी महसूस होती है ?लेकिन आज कुछ अलग तरह का अनुभव कर रहा हूँ | ?मैंने आज ही…

# हमारी लोक कथाएं #

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हमारे बचपन के समय में न तो TV था और न इन्टरनेट का ज़माना था .. उस समय हमारे दादा दादी हमें सुलाने के लिए लोक कथाएं सुनाया करते थे | और हमें ?इन कहानियों को…

# जीवन के अर्धसत्य #

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अजनबी शहर के अजनबी रास्ते, …मेरी तन्हाई पर मुस्कुराते रहे, मैं बहुत देर तक यूं ही चलता रहा, तुम बहुत देर तक याद आते रहे | ज़हर मिलता रहा ..ज़हर पीते रहे, ..रोज़ मरते रहे …रोज़…

# घर का सुख #

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आज हमारे एक मित्र ने फ़ोन करके बताया कि कोरोना में लॉक डाउन के कारण मैं डिप्रेस्ड (Depression ) महसूस कर रहा हूँ , कोई उपाय बताओ ताकि तुम्हारी तरह मैं भी मस्त हो जाऊँ |…

# रिश्तों की अहमियत #

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ज़िन्दगी में सब कुछ पाने की चाहत में हम एक ऐसे दौड़ में लग जाते है कि एक दिन ज़िन्दगी ही हाथ से निकल जाती है | और फिर  अफ़सोस के सिवा कुछ भी नहीं रह…

# मुर्ख कौन ? #

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दोस्तों, आज कल हम बिहार दिवस पखवारा मना रहे है | हमारे मन में विचार आया कि आज एक लोक कथा ?की चर्चा की जाए | मुझे अपनी बचपन की याद आ रही ?है जब ?ऐसी…

# अच्छी स्वास्थ का राज़ #

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यह सच है दोस्तों, यहाँ हर कोई स्वस्थ  रहना चाहता है,  युवा दिखना चाहता है, और ख़ूबसूरत भी | और  हम युवा रहने के लिए बहुत सारे उपाय ढूंढते रहते है | चाहे वो खाने का …