Originally posted on Retiredकलम:
जब आप सुबह उठते हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं …. सकारात्मक रहें या नकारात्मक, आशावादी रहें या निराशावादी , मैं आशावादी होना पसंद करता हूँ । ये एक द्रष्टिकोण की बात है |…
Uncategorized
घर घर की कहानी
Originally posted on Retiredकलम:
सब रंगों का मेल होते है .. दुःख सुख में साथ होते है बुरे हो या अच्छे …. रिश्ते तो रिश्ते होते है .. आज मैंने फेसबुक पर पढ़ा , जिसे हमारे एक मित्र ने पोस्ट…
# दिया जलाये रखिये #
Originally posted on Retiredकलम:
source:Google.com ख्वाहिशों का मंज़र चलाये रखिये उम्मीदों का दिया जलाये रखिये ना जाने कब रुख बदल जाए हवा का ईश्वर पर विश्वास बनाये रखिये कोई भी शुभ कार्य करने के लिए हम शुभ मुहूर्त का इंतज़ार…
# डर के आगे जीत है #
Originally posted on Retiredकलम:
My First Bullet Ride.. बात उन दिनों की है, जब हमारी ज़िन्दगी की सबसे हसीन वो लम्हे .–.बैंक नौकरी की Joining Letter हाथ में थी | बैंक था “बैंक ऑफ़ इंडिया” और जगह थी “झुमरीतिलैया” |…
महाभारत की बातें..
Originally posted on Retiredकलम:
महाभारत का एकलव्य दोस्तों, इन दिनों कोरोना ?का कहर ऐसा बरपा रहा है कि हमलोग ?लॉक डाउन ?के तहत घरों में बंद है | रोज कुछ ना कुछ अप्रिय घटना सुनने को मिल रही है |…
# स्वर्ग का रास्ता #
Originally posted on Retiredकलम:
source:: Google.com मानव अपने जीवन में, कितने उपाय तलाशता .. क्यों ?इतना बेचैन है, ?क्यों स्वर्ग का ढूंढें रास्ता .. क्यों छोड़ दिया ?हे मानव …दिन दुखियों से वास्ता .. जिस दिन उनके मन को …तू…
# मानव सेवा – सच्ची सेवा #
Originally posted on Retiredकलम:
हम सब अपनी ज़िन्दगी में सेवा भाव रखते है और किसी न किसी रूप में अपनी सेवा देते है | चाहे वो पैसा कमाने के बदले अपनी नौकरी के तहत हो या किसी अन्य? क्षेत्र में…
# गंगा तेरा पानी अमृत #
Originally posted on Retiredकलम:
कल सुबह जब मैं कल्याणी से लोकल ट्रेन से कोलकाता जा रहा था | मौसम बड़ा सुहाना था हल्की हल्की? ठंडक वातावरण में थी,| ट्रेन अपनी द्रूत? गति से चल रही थी और? खिड़की के झरोखे…
# उगना रे मोर #
Originally posted on Retiredकलम:
दोस्तों, बिहार दिवस के अवसर पर मैं चाहता हूँ ?कि अपने ब्लॉग के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा? बिहार से जुडी बातें आप सबों को बताऊँ ..जिससे मनोरंजन के साथ साथ हमारे? बिहार के बारे में…
# एक कहानी सुनो #
Originally posted on Retiredकलम:
समय का सदुपयोग वक़्त नहीं रहता कहीं टिक कर इसकी आदत भी आदमी सी है.. आज की कहानी एक राजा और उसके राज्य की है | उस राज्य की प्रजा? राजा? का चुनाव पाँच ?साल के…