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# उगना रे मोर #

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दोस्तों, बिहार दिवस के अवसर पर मैं चाहता हूँ ?कि अपने ब्लॉग के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा? बिहार से जुडी बातें आप सबों को बताऊँ ..जिससे मनोरंजन के साथ साथ हमारे? बिहार के बारे में…

# एक कहानी सुनो #

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समय का सदुपयोग वक़्त नहीं रहता कहीं टिक कर इसकी आदत भी आदमी सी है.. आज की कहानी एक राजा और उसके राज्य की है | उस राज्य की प्रजा? राजा? का चुनाव पाँच ?साल के…

# रात सपने में आया कोरोना #

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दोस्तों, ?डर बहुत खराब चीज़ होती है | अगर किसी चीज़ के प्रति मन में डर बैठ जाए तो आप का जीना दूभर हो जाता है | उससे पार पाने का बस एक ही रास्ता है…

# मेरी पहचान #

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मैं अपनी पहचान ढूंढ रहा हूँ | मेरी पह्चान क्या है — जब हम माँ की कोख में थे तो पूरी दुनिया हमें हमारी माँ के मध्यम से जान पाती थी | जब हम धरती पर…

# ढोसा से मेरी पहली मुलाकात #

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आज जब मोर्निंग वाक कर  वापस घर लौटा तो पाया कि सुबह – सुबह घर में ढोसा बन रहा है और उसकी खुशबू मुझ तक पहुँच रही है | ढोसा का स्मरण होते ही अचानक मुझे…

# एक किताब का दर्द #

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मैं एक किताब हूँ , .कोई मुझे  “दिल की किताब” कहता है तो कोई दिल से लगा कर रखता है | मैं हर तरह के लोगों के लिए बनी  हूँ | जो जैसा पसंद करे वैसा…

# मैं कलम हूँ #

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रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है? मैं कुछ लिखने के लिए अपने कलम  को ढूंढ रहा…

# तस्वीर बनाता हूँ मैं #

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आज का ब्लॉग लिखने में कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है | वैसे प्रत्येक ब्लॉग लिखने में ख़ुशी महसूस होती है ?लेकिन आज कुछ अलग तरह का अनुभव कर रहा हूँ | ?मैंने आज ही…

# हमारी लोक कथाएं #

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हमारे बचपन के समय में न तो TV था और न इन्टरनेट का ज़माना था .. उस समय हमारे दादा दादी हमें सुलाने के लिए लोक कथाएं सुनाया करते थे | और हमें ?इन कहानियों को…