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# एक कहानी सुनो # ..7

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शिक्षक की गुरु दक्षिणा क्या दूँ गुरु – दक्षिणा , मन ही मन मैं सोचूं चूका न पाऊँ ऋण तेरा अगर जीवन भी अपना दे दूँ .. दोस्तों, आज मैं ?एक ऐसी घटना का ज़िक्र करने…

# लालपरी  का क्या कसूर #

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बात उन दिनों की है ,जब मेरी कोलकाता में नयी नयी पोस्टिंग हुई थी ?और ?मैं ?हाथी बगान शाखा का ब्रांच मेनेजर था | ?यहाँ मुझे नए नए तरह के अनुभव ?मिल रहे थे | ?चूँकि…

# ऐ  बीते हुए लम्हे #

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यह सच है कि जो लम्हे बीत गए है, अब वह वापस कभी नहीं आएँगे। चाहे उन्हें कितनी भी शिद्द्त से पाना चाहते हो | इसलिए जो भी करना चाहते हो, इसी पल में करो और…

# हाथी को फ़ासी #

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दोस्तों, जानवरों में मुझे हांथी बचपन से ही पसंद है | इसका मुख्य कारण है कि जब मैं छोटा था तो हमारे पडोस में देशी घी की दूकान थी जिसके सेठ के पास अपनी हाथी थी…

# अधूरी ज़िन्दगी #

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ज़िन्दगी अनमोल है, हम सभी जानते है, और उस ज़िन्दगी को बचाए रखने के लिए हम जद्दोजेहद में लगे रहते है | कई बार ऐसी परिस्थिति आती है जब लगता है जैसे ज़िन्दगी से हार गया…

# ज़िन्दगी की किताब #

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मेरी पहचान क्या है ? मैं बिहारी हूँ , मेरा जनम बिहार में हुआ है या मैं एक पति हूँ, एक बाप हूँ, एक हिन्दू हूँ या फिर रिटायर्ड बैंकर हूँ ‘’’ नहीं, मेरी यह पहचान…

# अति सर्वत्र वर्जयेत् #

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हेल्लो फ्रेंड्स . आजकल मैं व्यायाम करने के लिए ?अपने सोसाइटी में बने जिम में रोज़ जाता हूँ | आज? भी मैं सुबह सुबह ?जिम में चला गया था | वहाँ मैंने देखा ?कि कुछ young…

# हम धमाल  करते थे #

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बचपन ?के दिनों को आज भी जब याद करते हैं तो उस मासूम से प्रेम का एहसास होता है जो उस समय हम दोस्तों के बीच हुआ करता था । उन दिनों की याद आज भी…

# आधे अधूरे ख्वाब #

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हर किसी को पता होना चाहिए , उसे कहाँ तक जाना है , कहाँ जाकर ठहरना , कहाँ थमना और मुड़ना है | ध्यान देने वाली बात है कि यह सब केवल अंतर्मन ही डायरी में…