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# यादों के लम्हे #

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आज मुझे माँ का वह दुलार याद आता है, जब माँ कहती थी बाहर जा पर दूर मत जाना | पापा का स्कूल से लेकर आना और छोडना, और ?उनका “बाबू “” कहना? याद आता ?है…

# भावनाओं के भँवर में #

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हमारी भावनाएं हमारे जीवन का एक अविभाज्य अंग हैं | भावनाओं के बिना जीवन कैसा ? ?हमारी भावनाएँ ही हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हमें ?खुश रख सकती है | हमें स्वयं के साथ –…

# आशिक बना रखा है #

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लोग कहते थे, वो बड़ा सौभाग्यशाली है, वो जो चाहता था, उसने पा लिया है | ?कम से कम बेचारा भ्रम में तो रहा | परिस्थितियों के साथ एक दिन उसका भ्रम भी टूट गया |प्रेम…

# एक कहानी सुनो # -2

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प्रेरक प्रसंग यह प्रसंग रामायण के उस भाग से ली हुई है, जब श्री राम का तीर रावण के नाभि में लगा और रावण धारासाई? होकर ज़मीन ?पर गिर पड़ा | एक ओर रावण अपनी? आंखरी…

भगवान् मेरी रक्षा करे

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source: Google.com कल world laughter day था और ?हमने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी? थी कि इसे खूब अच्छी तरह मनाएंगे | दोस्तों के साथ खूब हँसेंगे और खुशियाँ मनाएंगे | क्योंकि हम सब…

# एक प्रेम ऐसा भी #

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प्रेम करने वाला व्यक्ति प्रेम तो कर लेता है परंतु उसको ठीक से निभा नहीं पाता है | वास्तविक बात करें, ?तो प्रेम करने से कई गुना कठिन काम है प्रेम को निभाना | प्रेम में…

#हँसने की चाहत#

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यदि आपकी वजह से किसी के जीवन में ख़ुशी के आँसू आते है तो आपसे खुशनसीब इनसान इस धरती पर कोई? नहीं ?हो सकता.| किसी के जीवन में चाहे?कितना?भी बड़ी?परेशानी?क्यों न आये, आपके उसके हर पल…

# मन के मंदिर मे #

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एक प्रचलित कहावत है — “दिल तो बेचारा आवारा ?है, ?दिल का क्या कसूर ?” सही बात है । दिल अपने फितरत को लेकर आवारा है। आवारागर्दी करना ही दिल का काम है, और शायद इसीलिए,…

बाबा नागार्जुन : एक कवि, एक विचार

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? दोस्तों. सात दिन पूर्व ही 22 मार्च को हम लोगों ने बिहार दिवस मनाया था | सन 1912 में उस दिन बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग कर बिहार राज्य का गठन किया गया था | और…