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# हादसे का शिकार #

ज़िन्दगी में कभी कभी ऐसे भी हादसे हो जाते है कि उसे भुलाये नहीं भूलता | उस दिन सचमुच मैं बहुत दुखी अपनी शाखा में बैठा हुआ था और दुखी क्यों नहीं होऊं | एक नहीं अनेक कारण थे |… Read More ›

# हँसना मना है #..2 

आज सारी रात परेशानी में गुजर रही थी | दिन की घटना के बाद हमलोग चारों दोस्त मेरे घर पर ही रुक गए | रात  भर प्लानिंग (planning) चलती रही | हमें आशंका थी कि मकान मालिक का एजेंट (agent)… Read More ›

# चोरी – चोरी # …1 

फ़ोन की घंटी बजी, हेल्लो वर्मा सर, आप ने मुझे पहचाना ? आज एक पुराने मित्र ने फोन  किया ..मैं राजेश बोल रहा हूँ .. हम शिवगंज (राजस्थान) में साथ थे | मैं वहाँ बिजली विभाग में कार्यरत था |… Read More ›

# मैं ज़िद्दी हूँ # 

दोपहर का समय और  उन दिनों काफी गर्मी पड़ रही थी | वैसे भी राजस्थान की गर्मी बहुत कष्ट दायक हुआ करती थी | भैरो सिंह का ट्रेक्टर seize कर उसके गाँव से चल पड़ा था | परन्तु रास्ते में… Read More ›

# मैं बिहारी हूँ # 

वैसे तो कल ही शिवगंज शाखा में अपनी जोइनिंग दे दी थी, परन्तु सच कहे तो आज से शिवगंज शाखा में कार्य करने का अवसर मिला | आज का दिन मेरे लिए कुछ ख़ास है , क्योकि आज इस शाखा… Read More ›

# मैं आवारा हूँ # 

मेरी बैंक की नौकरी नई – नई थी | मेरी पहली पोस्टिंग “रेवदर” शाखा (राजस्थान ) में और अभी छह माह भी नहीं हुए थे कि मेरा पुनः ट्रान्सफर “शिवगंज” शाखा  में कर दिया गया | कुछ दिनों पूर्व ही… Read More ›

# कलयुग का दशरथ #….6 

जो माँ -बाप बच्चों को दुनिया में लाते है , जो ऊँगली पकड़ उन्हें चलना सिखाते है , वही माँ बाप बुढ़ापे में बच्चों को लगते है बोझ, वे बड़ी वेशर्मी से उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ आते है … कौशल्या… Read More ›

# कलयुग का दशरथ #…5 

तुझे इस दुनियां में लाई है माँ, …तू रोया तो दूध पिलाई है माँ.. ममता का आँचल ओढ़ाई है माँ, …उँगली पकड़ कर चलाई है माँ बचपन के दिन वो अपने भूल ना जाना, कभी अपनी माँ का दिल ना… Read More ›

# कलयुग का दशरथ #…4 

जी चाहता है चुरा लू, दुःख सभी की जिंदगी से, –कि देख ना पाऊं दुःख, इक पल भी किसी के चेहरे पे,चाहत है, हो दुनिया ऐसी, जहाँ दिखे हर एक की आँखों में ख़ुशी,रोये तो रोये गम रोये, क्यों रोये… Read More ›