kavita

#मेरे शब्द, मेरी पहचान हैं #

मनुष्य एक संवाद करने वाला प्राणी है, जो शब्दों के माध्यम से अपने विचारों , भावनाओं  और अपने ज्ञान को अभिव्यक्त करता है | जी हाँ, हमारे द्वारा उपयोग किए गए शब्द  हमारी संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है | शब्द के… Read More ›

# वो सुनहरी यादें # 

दोस्तों , बात उन दिनों की है, जिस दिन मैं  बैंक से रिटायर हो रहा था | ऐसा लगा था जैसे अब ज़िंदगी खत्म । मैं बहुत नर्वस महसूस कर रहा था | फिर मैंने यह सोच कर दिल को… Read More ›

# एक ब्लोगर हूँ मैं # 

दोस्तों,  लॉक-डाउन दौरान घर में खाली बैठे रहने से बोर हो रहा था | इसलिए  हमने मॉर्निंग वॉक के दौरान लाइफ स्टाइल पर अपना विडियो शूट करना शुरू किया | फिर मुझे इच्छा हुई कि इसे यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड… Read More ›

# मैं और मेरी कलम # 

मैं और मेरी कलम हमेशा आपस में बातें करते है | जब भी पुरानी यादें मुझ पर हावी होती है तो यह कलम ही है जो कागज़ के पन्नो पर यादों की स्याही बिखेर देती है | जब भी आस… Read More ›

#सड़क और ज़िंदगी  @

जी हाँ, मैं सड़क हूँ,  मिट्टी, पत्थर और डामर से बना | मैं तो गाँव को शहरों से जोड़ता  हूँ , जंगलों और पहाड़ों से गुजरता  हूँ | मेरी उम्र कितनी है मुझे नहीं मालूम | मुझे कभी एक दम… Read More ›

# तुम ज़िन्दगी हो या आईना #

फैला रहा है आईना गलत फहमीयो का सिलसिला,  हर किसी से कह रहा है – तूमसे अच्छा कोई नही | सभी कहते है कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता | यह सच है कि अगर कोई मुझे मेरे  व्यक्तित्व से… Read More ›

#Seeds of suicide#

This poem acknowledges the struggles and darkness that can consume one’s mind when dealing with suicidal thoughts. However, it also offers hope and encourages seeking support and help from others. The poem emphasizes the importance of acknowledging pain, finding inner… Read More ›

# चाय पर चर्चा # 

कभी कभी ज़िन्दगी  ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ी कर देती है जब अपने पास समय भी होता है, पैसे भी होते है , पर साथ बैठ कर चाय पिने वाला कोई नहीं होता है | आज लोगों के पास इतनी… Read More ›