kavita

# तुम मेरी कविता हो..

पीछे  मुड कर देखता हूँ तो अभी कुछ दिनों की बात लगती है,…ज़िन्दगी यूँ ही धीमी गति से चली जा रही थी कि अचानक से मेरे बचपन के शौक ने मेरे मन में उथल पुथल मचाया था  और तभी कुछ… Read More ›

# तेरी कुछ यादें # 

लोग कहते है कि  मन की किताब पढना आसान नहीं है | सही है… ज़िन्दगी कोई किताब नहीं है ज़नाब कि जो चाहे… जब चाहे… इसके पन्ने पलटे  और इसे पढ़ ले | ज़िन्दगी के कुछ पल और कुछ एहसास… Read More ›

#How is my life ?

Friends,The poem “How is my life?” is an ode to the journey of life, which can be both challenging and rewarding. It speaks about the moments of loneliness and burdens that we may encounter, but also emphasizes the importance of… Read More ›

#शब्दों से मेरी पहचान है #

कभी न छोड़ना मेरे शब्दों को, ये शब्द मेरी पहचान और निशानी हैं। बस ध्यान से तुम पढ़ना इन्हे, इसमे लिखी मेरी दिल की कहानी है | शब्दों के जंगल में जब मैं भटकता हूँ खुद के सपनों पर ही… Read More ›

#मैं बुढ़ा और लाचार हो गया हूँ #

दोस्तों, यह एक कविता है जो एक व्यक्ति के अंतिम दिनों की अवस्था को बयान करती है। इस कविता में व्यक्ति अपने जीवन के कई पहलुओं को याद करता हुआ, अपनी बूढ़ापन और लाचारी के बारे में सोचता है। उसे… Read More ›

#Life is a Journey#

Friends, This poem speaks about the journey of life, which can be daunting and overwhelming at times. It highlights the feeling of loneliness that one may experience on this journey. The path ahead is portrayed as long and wide, symbolizing… Read More ›

#Yes, I am a Blogger#

Friends, This is a poem celebrating the joys and challenges of blogging. The poem highlights the power of blogging to connect people, share stories, and inspire others. It also acknowledges the struggles that bloggers face, including self-doubt and writer’s block,… Read More ›

# लम्हा गुमसुम क्यों है ? 

कभी-कभी हर कोई उदासी महसूस करता है। हालाँकि ज़्यादातर मामलों में,  ये जो उदासी होती है, वो मनुष्यों के जीवन में आने वाले बदलावों और परिस्थितियों के कारण होती है | यह एक साधारण प्रक्रिया है। अच्छी बात यह  है… Read More ›

# भावनाओं के भँवर में #

हमारी भावनाएं हमारे जीवन का एक अविभाज्य अंग हैं | भावनाओं के बिना जीवन कैसा ?  हमारी भावनाएँ ही हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हमें  खुश रख सकती है | हमें स्वयं के साथ – साथ  सभी की भावनाओं… Read More ›