शिक्षकों के सम्मान में, डॉ. एस. राधाकृष्णन ने ठीक ही कहा था,– ‘मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय, यह मेरे लिए गर्व की बात होगी कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। आज टीचर्स day है और इस अवसर… Read More ›
#भावना
#प्रकृति, मेरी आत्मा #
यह कविता प्रकृति की सुंदरता और शांति के भाव प्रकट करता है । उसके हरियाली, झरने, वादियों, हवा, पहाड़ियों, ढलानों, रेत के किनारों, पक्षियों की चहचहाहट, और इसकी सुंदरता और आकर्षण को उजागर करता है। कवि, प्रकृति को अपने प्यार… Read More ›
#From Friends to Strangers#
The Bittersweet Truth of Social Media in Retirement Retirement – a phase in life often looked forward to with great anticipation. The promise of leisure, freedom, and more time for oneself and loved ones. However, as I sit here today,… Read More ›
# ऐ मेरी ज़िंदगी #
वैसे तो ज़िन्दगी से हर किसी को कुछ न कुछ शिकायत रहती है, फिर भी ज़िन्दगी के मोह स बंधा रहता है | यह जो ज़िन्दगी है उसमे मुसीबतें तो आती रहती है, लेकिन हमें हार नहीं मानना चाहिए,… Read More ›
# हम भी गुलाम है #
गुलाम हुआ है इंसान कुछ इस कदर मोबाइल का रिश्ते मिलने को तरसते है, चाय के टेबल पर | यह सच है दोस्तों कि आज कल एक छोटी सी निर्जीव वस्तु ने हम सब को अपना गुलाम बना रखा है… Read More ›
# वो अनजानी लड़की #
आज के इस ब्लॉग की बात ही कुछ अलग है, क्योकि इसमें मैं अपने एक सहपाठी के जीवन में घटी सच्ची घटना का वृत्तांत आप सबों के समक्ष प्रस्तुत करने जा रहा हूँ … आज की परिवेश में अगर इस… Read More ›
#हर ब्लॉग कुछ कहता है –5
मन और मस्तिष्क… हमारा मन मस्तिष्क की उस क्षमता को कहते है , जो हमें चिंतन-शक्ति, स्मरण –शक्ति , निर्णय शक्ति , बुद्धि भाव, एकाग्रता, व्यवहार कुशल, होने में मदद करती है | लोग कहते है मन बड़ा चंचल होता… Read More ›
# एक कहानी सुनो #
किसी ने खूब कहा है कि अगर आवाज़ ऊँची हो तो कुछ लोग सुनते है और अगर बात ऊँची हो तो बहुत लोग सुनते है | मैं यहाँ एक छोटी परन्तु बड़े मजेदार कहानी सुनाना चाहता हूँ | एक लड़का… Read More ›
# जीवन संघर्ष से सिख #
मेरी यह कविता जीवन की लहरों में हार और जीत की मिलकर बनी कहानी सुनाती है | यह संघर्ष की महत्वपूर्ण सिख को साझा करती है। हमें याद दिलाती है कि जीवन की मुश्किलों से गुजरने से ही हमारी व्यक्तिगत… Read More ›
# मैं तेरी राधा #
मुझे लग रहा था कि वो पिंकी ही है | उसका चेहरा, उसकी आँखे, बात करने की अदा, उसी तरह बोलना, कुछ भी तो नहीं बदला है | हाँ, एक चीज मैंने नोटिस किया कि उसके चेहरे पर पहले जैसी… Read More ›