#जीवन

# एक किताब की तरह हूँ मैं #

यह कविता जीवन की गहराइयों, रिश्तों की पेचिदगियों और आत्मा की निश्छल सच्चाई को दर्शाती है। हर इंसान की ज़िंदगी एक किताब की तरह होती है — कुछ पन्ने उजले, कुछ धुँधले; कुछ लोग बस ऊपर-ऊपर देखते हैं, जबकि कुछ… Read More ›

# तेरी याद की परछाइयाँ #

कभी-कभी ज़िंदगी की राहों में कोई ऐसा हमसफ़र मिल जाता है, जिसकी मौजूदगी सुकून बन जाती है। पर अगर वो हमसफ़र बिना कहे चला जाए, तो उसकी यादें उम्र भर साथ चलती हैं।यह ग़ज़ल उसी अधूरी मोहब्बत, वादों की बेवफाई… Read More ›

# मिट्टी का सफ़र #

प्रिय मित्रो,हम सब जीवन की आपाधापी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि यह भूल जाते हैं — यह संसार एक अस्थायी मेला है। जो आज है, वह कल नहीं रहेगा। इस कविता के माध्यम से, मैं जीवन की उसी… Read More ›

# ख्वाबों में मुलाक़ात #

यह कविता प्रेम और विरह की भावनाओं से ओत-प्रोत है। यह उन अनकहे जज़्बातों को बयां करती है, जब दो आत्माएं हकीकत साथ न होते हुए भी ख्वाबों में मिलती हैं। नींद, तन्हाई और यादें यहाँ माध्यम बनती हैं मिलने… Read More ›

# दिल के तहखानों में…

“दिल के तहखानों में…” एक आत्ममंथन की गहराइयों में उतरती मार्मिक कविता है, जो जीवन की यात्रा, टूटे सपनों, चुप रहकर झेली पीड़ाओं और अंततः भीतर जगी आशा की लौ को उजागर करती है। उम्र के ढलते पड़ाव पर जब… Read More ›

# जो बीत गया…

यह एक भावनात्मक और दार्शनिक कविता है, जो जीवन में छूटे हुए रिश्तों, टूटे सपनों और अधूरी ख्वाहिशों को स्वीकार करने का संदेश देती है। यह रचना बीते कल को जाने देने, दर्द को अपनाने, और वर्तमान में प्रेम और… Read More ›