#जीवन

# क्षणभंगुर जीवन #

“क्षणभंगुर जीवन” एक दार्शनिक कविता है जो जीवन की क्षणिकता और संसार की नश्वरता को उजागर करती है। यह रचना हमें याद दिलाती है कि ऐश्वर्य, महल, और मान-सम्मान सब यहीं रह जाते हैं—साथ जाते हैं केवल हमारे कर्म और… Read More ›

“बारिश की बाँहों में”

यह एक भावनात्मक और आत्मीय कविता है, जो बारिश के माध्यम से बचपन की यादों, सादगी भरे पलों और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को सुंदरता से उकेरती है। यह कविता एक ऐसे व्यक्ति की मनःस्थिति को दर्शाती है जो बारिश… Read More ›

# एक किताब की तरह हूँ मैं #

यह कविता जीवन की गहराइयों, रिश्तों की पेचिदगियों और आत्मा की निश्छल सच्चाई को दर्शाती है। हर इंसान की ज़िंदगी एक किताब की तरह होती है — कुछ पन्ने उजले, कुछ धुँधले; कुछ लोग बस ऊपर-ऊपर देखते हैं, जबकि कुछ… Read More ›

# तेरी याद की परछाइयाँ #

कभी-कभी ज़िंदगी की राहों में कोई ऐसा हमसफ़र मिल जाता है, जिसकी मौजूदगी सुकून बन जाती है। पर अगर वो हमसफ़र बिना कहे चला जाए, तो उसकी यादें उम्र भर साथ चलती हैं।यह ग़ज़ल उसी अधूरी मोहब्बत, वादों की बेवफाई… Read More ›