ख़ुशी ज़ल्दी में थी .. चली गई गम फुर्सत में थे ..ठहर गए , ठोकर लगी पर गिरे नहीं वक़्त रहते संभल गए , ढूंढता हूँ वो बीते हुए लम्हे न जाने वो किधर गए…… संदीप को घर बैठे पुरे… Read More ›
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हर ब्लॉग कुछ कहता है –4
फेसबुक वाली फ्रेंड रिटायरमेंट के पहले दैनिक जीवन में बहुत सारे मित्र हुआ करते थे, चाहे वे सहकर्मी हो या और दुसरे लोग | दोस्तों का एक समूह होता है, जो हमारे जीवन में टॉनिक का काम करता है |… Read More ›
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…18
पुलिया के ऊपर पानी का बहाव बहुत तेज़ था, लेकिन मैंने सोचा नहीं था कि पानी की धारा इतनी तेज़ होगी कि मेरा रिक्शा को ही बहा ले जाएगी | वो तो खैरियत थी कि मुझे तैरना आता था इसलिए… Read More ›
रिक्शावाला की अजीब कहानी …17
आज बूढ़े बाबा की बात सुन कर मुझे अलग तरह की अनुभूति हो रही थी | उनको मैं चलते हुए रास्ते में मिला था और उनकी मज़बूरी देख कर अपने रिक्शे पर बैठा लिया | उनके गाँव के समीप ला… Read More ›
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…16
शाम का वक़्त हो रहा था और हम सभी बहुत जल्द ही बड़े भाई के गाँव पहुँचने वाले थे | तभी मैंने देखा की ट्रक की लम्बी लाइन से सड़क जाम पड़ा है | मेरे रिक्शा को आगे जाने का… Read More ›
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…15
वक़्त से लड़ कर जो अपना नसीब बदल दे , इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे , क्या होगा कल कभी मत सोचो क्या पता कल वक़्त खुद अपनी लकीर बदल दे… बड़े भाई की हकीकत सुनकर मैं भी… Read More ›
रिक्शावाला की अजीब कहानी …14
एक गठरी शीश पर है, देह दुर्बल पाँव भारी, काँख मुन्ना को दबाए, एक उँगली थाम मुन्नी, साथ चलती जा रही है दो दिनों का रास्ता कैसे कट गया पता ही नहीं चला | एक तो मिस्त्री भाई रिक्शा खीचने… Read More ›
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…13
कोई तेरे पंखो को जाकड़ ना सके… कर बुलंद इतना अपने उड़ान से .. कर खुद पर भरोसा और बाजुओं पर सफ़र होंगे तुम्हारे पूरी शान से … मैं अपनी मुँह बोली बहन को रिक्शे में बैठा कर अपनी धुन… Read More ›
रिक्शावाला की अजीब कहानी .…12
चिल-चिलाती धूप में सड़क पर है रिक्शा दौड़ता, किसी अपनों के सपने संजोये है रिक्शा दौड़ाता . छिपाते हुए अपने मुफलिसी के घावों को देखो, वो जा रहा अपने गाँव है रिक्शा दौड़ाता….. कल रात की घटना को याद करके… Read More ›
# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…11
आज सुबह सो कर उठा तो मेरा मन बहुत घबरा रहा था | काका के बिना अकेले इस घर में बिलकुल भी मन नहीं लग रहा था | रात में भी सामने चाय की दुकान के पास कुत्ता रो रहा… Read More ›