story

# वो पहली मुलाकात #

आज सुबह – सुबह मोर्निंग वाक से आया तो मेरा मन  बहुत प्रसन्न लग रहा था | सुबह का नास्ता करने के बाद रीडिंग टेबल पर बैठ पेपर पढ़ रहा था और फिर मेरे दिमाग में वही सवाल चल रहा… Read More ›

# ऊँट की सवारी #

हमारी पोस्टिंग उन दिनों शिवगंज शाखा में थी | यह एग्रीकल्चर डेवलपमेंट शाखा थी यानी हमारी शाखा  से कृषि ऋण ही ज्यादा दिए जाते थे | इसलिए कृषि ऋण तीन जिलों के किसानो को दिया हुआ था –  सिरोही, पाली… Read More ›

# बच गया बन्दुक से #

दोस्तों, ज़िन्दगी में बहुत सारे लम्हों को हम जीते है जो बाद में भी याद आते रहते है | खास कर नौकरी के दिनों में बहुत सारे छोटे छोटे अनुभव प्राप्त होते है |  कुछ घटनाये  तो ऐसी घटती है… Read More ›

# कभी ख़ुशी-कभी गम #

 हेलो फ्रेंड्स   यह सही है कि नौकरी करने के दौरान बहुत सारी सुखद और दुखद घटनाये घटित होती है, जो अपने दिलो दिमाग में घूमता रहता है | लोग कहते है कि सुखी जीवन जीना है तो दिमाग में… Read More ›

# पुनर्जन्म की घटना # -2

सचमुच पांच साल की बच्ची शांति के द्वारा कही गयी पिछले जनम की बातें सुन कर सभी लोग हैरान थे , लेकिन सब कुछ सच लगते हुए भी विश्वास करना कठिन हो रहा था | रंग बहादुर की मुसीबतें बढती… Read More ›

# पुनर्जन्म की घटना # -1

आज के वैज्ञानिक युग में पुनर्जन्मों की  बात करना वैसे तो बेमानी समझा जाता है, लेकिन कभी – कभी पुनर्जन्मों की खबरे समाचार के माध्यम से आती रहती है और हमलोग के लिए यह कौतुहल का विषय होता है कि… Read More ›

      # ऊँट ज़हरीला सांप खाता है #

हेल्लो फ्रेंड्स , जब मेरी पोस्टिंग राजस्थान के गाँव में हुई थी तो उस समय मैं बहुत घबडाया था | जी हाँ, यह बात है १९८५ की | मेरे दिमाग में राजस्थान की जो तस्वीर थी उसके  अनुसार वहाँ रेगिस्तनी… Read More ›

मैंने सही किया या गलत ?

दोस्तों, मैं इस दिनों अपने ब्लॉग में अपने संस्मरण पोस्ट कर रहा हूँ | हमारे ऑनलाइन दोस्त इसे बहुत पसंद कर रहे है | सचमुच जीवन में घटी छोटी – छोटी सुखद घटनाये जब दुबारा याद करते है तो चेहरे… Read More ›

# मुस्कुरा देता हूँ मैं #

मिली है तो, तू ज़िन्दगी को जी , उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनों के ताने बाने बुन उसमे उलझने की कोशिश न कर | बात उन दिनों है जब हमारी नौकरी बैंक में लगी थी | स्टेट… Read More ›

# मेरा वो बचपन #

गुज़र जाते है खुबसूरत लम्हें , यूँ ही मुसाफिरों की तरह.. यादें वही खड़ी रह जाती है, रुके रास्तों की तरह.. एक उम्र के बाद, उस उम्र की बातें उम्र भर याद आती है , पर वह उम्र फिर उम्र… Read More ›