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# मुस्कुरा देता हूँ मैं #

मिली है तो, तू ज़िन्दगी को जी , उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनों के ताने बाने बुन उसमे उलझने की कोशिश न कर | बात उन दिनों है जब हमारी नौकरी बैंक में लगी थी | स्टेट… Read More ›

# मेरा वो बचपन #

गुज़र जाते है खुबसूरत लम्हें , यूँ ही मुसाफिरों की तरह.. यादें वही खड़ी रह जाती है, रुके रास्तों की तरह.. एक उम्र के बाद, उस उम्र की बातें उम्र भर याद आती है , पर वह उम्र फिर उम्र… Read More ›

# हाथी को फ़ासी #

दोस्तों, जानवरों में मुझे हांथी बचपन से ही पसंद है | इसका मुख्य कारण है कि जब मैं छोटा था तो हमारे पडोस में देशी घी की दूकान थी जिसके सेठ के पास अपनी हाथी थी |  उनका गाँव यहाँ… Read More ›

# खराब चाय #

कुछ दिनों पूर्व मैं कोलकाता से पटना अपने घर जा रहा था | मुझे साल में दो बार पटना जाना होता है | मैं सामान्यतः ट्रेन से ही सफ़र करना पसंद करता हूँ | इसका मुख्य कारण है कि इसका… Read More ›

# एक लघु कथा #

लघु कथा फैक्ट्री में ड्यूटी का शिफ्ट समाप्त हो चूका था | राजेश को अपने अगले साथी को मशीन  का चार्ज देते हुए रात के करीब साढ़े बारह बज चुके थे , हालाँकि राजेश की शिफ्ट रात के बारह बजे… Read More ›

#एक कहानी सुनो#.

. कहानियाँ ज़रूर सुननी चाहिए | पता नहीं कौन सी कहानी की सीख हमारे जीवन की दशा और दिशा दोनों को ही बदल दे | आइये ऐसी ही एक कहानी की बात करते है … एक समय की बात है… Read More ›

# मेरी कुछ यादें #

माना मैं तुम्हारे नए शहर की पुरानी इमारत ही सही, लोग आज भी मुझमे अपना बीता हुआ कल ढूंढते है | रांची को हमने खूब जिया है |  तब हम खगौल (पटना) से नए नए रांची आये थे | स्कूल… Read More ›

# कोरोना वाली चुड़ैल #- 4

ठाकुर साहब अपने बेटे को झट से गोद में उठा  लिया और उसे दिलासा देते हुए कहा – वो तुम्हारी माँ  नहीं है | लेकिन  भोलू बार बार कह रहा था,– वही मेरी माँ है |  मेरी माँ को बचा… Read More ›

# कोरोना वाली चुड़ैल # -3

ठकुराईन को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ यह क्या हो रहा है ? वे अपने हाथ पैर भी नहीं हिला पा रही थी | फिर वो अपनी आँखे खोल कर देखा तो  ऊपर आकाश लालिमा लिए… Read More ›