An evening in Bark street

Friends This is a fact that sometimes we experience moments of joy in our life which become memorable. Yes, I got an opportunity to visit Delhi a month before and acquainted myself with  such a beautiful experience. I was just wandering with my son to look for unique place to visit there. I was firstContinue reading “An evening in Bark street”

मैं कलम हूँ

रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है  मैं कुछ लिखने के लिए अपने कलम  को ढूंढ रहा था, तभी मेरे डायरी के पन्नो के बीच  उससे मुलाकात हो गई .. कलम मुझे देख कर सकुचाई तोContinue reading “मैं कलम हूँ”

हँसना क्यों ज़रूरी है ??

कुछ दिनों पूर्व मुझे दिल्ली जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ | वैसे भी pandemic के कारण  काफी दिनों से डर डर  कर जी रहे थे | अब जब वैक्सीन मार्किट में आ गया है तो मुझे  भी हिम्मत हुई और मैंने कोलकाता से दिल्ली जाने का कार्यक्रम बना डाला | दिल्ली जाने के क्रम मेंContinue reading “हँसना क्यों ज़रूरी है ??”

धुंध की दीवार – 5

मंजिल उन्ही को  मिलती है …जिनके सपनों में जान होती है पंखो से कुछ नहीं होता…. हौसलों  से उड़ान होती है   आनंद में अचानक आये इस बदलाव से निशा को थोडा आश्चर्य हो रहा था, हालाँकि उसका दिल पहले से ही कहता था कि आनंद उसके साथ बेरुखी नहीं कर सकता है | बहुतContinue reading “धुंध की दीवार – 5”

धुंध की दीवार – 4

चट्टान_सी सुदृढ दिखती हूँ.. हमेशा- मुस्कुराहट रहती है_ चेहरे पर… पर_ मैं_भी टूटती हूँ.. बिखरती हूँ., मोम की तरह_ पिघल भी जाती हूँ.. काश! इस बात को_ तुम समझते ..! इस ख़्याल से नम हुए पलकों को… अपने_ हीं आँचल_से  पोंछ  फिर मुस्कुरा लेती हूँ_ क्योंकि मैं औरत हूँ , आनंद एक बहुत बड़ा स्टारContinue reading “धुंध की दीवार – 4”

धुंध की दीवार – 3

मेरे ज़िन्दगी में खुशियां …. तेरे बहाने से है आधी तुझे सताने से है…आधी तुझे मनाने से है आज आनंद बहुत खुश था , शायद काफी दिनों के बाद वह सदमे से पूरी तरह बाहर आ चूका था और दूसरी तरफ उसको फिल्म का भी ऑफर मिल गया था | वह ख़ुशी ख़ुशी तैयार तोContinue reading “धुंध की दीवार – 3”

धुंध की दीवार -2

वक़्त सीखा देता है इंसान को ..फलसफा ज़िन्दगी का , फिर तो, नसीब क्या, लकीर क्या और तकदीर क्या … ऐसा भयावह दृश्य देख कर इस ठण्ड के मौसम में भी आनंद के चेहरे पर पसीने की बुँदे बिखर गयी | उसके हाथ पैर काँप रहे थे | कभी वह तड़पते हुए अपनी माँ कोContinue reading “धुंध की दीवार -2”

धुंध की दीवार -1

हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास औरमेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है…और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आतातो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देती है ……. आनंद, जिसका  आज जन्मदिन है,  लेकिन वह अपने को एक कमरे में बंद किये बस आँसू बहा रहा है | वैसे तो उसके बर्थडे पर सोशलContinue reading “धुंध की दीवार -1”