किस्मत की लकीरें – 4

मुड़ जाती है हाथों की लकीरें गर हिम्मत है तूफानों से लड़ने की होते होते पीछे ही हो जाते है बात जो हमेशा करते किस्मत की …  कालिंदी को पता चला कि दिल्ली में UPSC का इंटरव्यू शुरू हो गया है, तो वह चिंतित हो उठी , क्योकि उसका इंटरव्यू लेटर अभी तक प्राप्त नहींContinue reading “किस्मत की लकीरें – 4”

किस्मत की लकीरें – 3

  जो दे ख़ुशी के दो पल, वो लम्हा ढूंढ रहा हूँ जहां मिले साथ वो मंज़र ढूंढ रहा हूँ लोग ढूंढते हैं अपनी किस्मत की लकीर , मैं लकीर लिख दे वो कलम ढूंढ रहा हूँ || हालाँकि कोई भी इच्छित कार्य करने में बाधाएं भी आती है | इसी बीच एक नयी परिस्थितिContinue reading “किस्मत की लकीरें – 3”

किस्मत की लकीरें .. 2

रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है . आज कालिंदी का दिल जोर जोर से धड़क रहा था | वह अपने रूम में पढाई करते हुए आज के समाचार पत्र आने का इंतज़ार कर रही थी क्योकिContinue reading “किस्मत की लकीरें .. 2”

किस्मत की लकीरें ..1

     कालिंदी,   बड़ा प्यारा नाम है तुम्हारा,               तुम बेहद खुबसूरत हो,                   तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो |                             सचमुच,.. मैं तुमसे प्यार करने लगा  हूँ | झूठ मत बोलो विनय | तुम मेरा मजाक उड़ा रहे हो | तुम कितना स्मार्ट दीखते हो, बिलकुल मेरे सपनो के राज कुमार कीContinue reading “किस्मत की लकीरें ..1”

वक़्त वक़्त की बात

वक़्त की सबसे अच्छी बात यह है कि अच्छा चल रहा हो या बुरा चल रहा हो, वक़्त हमेशा अपनी ही रफ़्तार से चलता  रहता है | हाँ, जब आदमी दुःख में होता है तो उसे लगता है कि समय धीरे चल रहा है और जब ख़ुशी के पल होते है तो लगता है जैसेContinue reading “वक़्त वक़्त की बात”

अधूरे एहसास

सेठ धनराज, एक सच्चा इंसान , पता नहीं पिछले जन्मो का कितना अच्छा कर्म  किया था कि इस जन्म में उन्हें वो सब कुछ मिला जिसकी इच्छा एक इंसान की होती है | व्यवसाय में अब्बल तो है ही, तभी तो पांच – पांच  फैक्ट्री के  मलिक है  और अपने इलाके के अकेले करोड़पति भीContinue reading “अधूरे एहसास”

सकारात्मक विचार…9

गरीबों की सुनो दोस्तों , मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अपने अपने कामों में व्यस्त रहते हुए भी ज़िन्दगी का लुफ्त उठा रहे होंगे | आज मैं आप सबों को शहर से दूर एक गाँव में ले चलता हूँ जहाँ रेलवे ट्रैक के किनारे बने हुए झुग्गी झोपड़ियों में रहने को विवश लोगContinue reading “सकारात्मक विचार…9”

खुशियों के आँसू ..

राजेश अपने ऑफिस में बैठा  बचपन के दोस्त रतन के साथ चाय पी रहा था और गप्पे मार रहा था | आज करीब एक वर्ष के बाद दोनों का मिलना हो रहा था | वैसे तो बचपन से दोनों साथ पढाई की थी और पूरा बचपन साथ ही बीता था | राजेश के माता पिताContinue reading “खुशियों के आँसू ..”

हर ब्लॉग कुछ कहता है …13

मैं और मेरा ब्लॉग आज मोर्निंग वाक से फ्री होकर जब मैं ब्लॉग लिखने बैठा तो मेरे एक हाथ में चाय थी और दुसरे हाथ में अखबार | मैं आज के अखबार पर सरसरी नज़र डाल ही रहा था कि उसके एक शीर्षक के ऊपर मेरी नज़र अटक गई | हम बीते साल के अंतिमContinue reading “हर ब्लॉग कुछ कहता है …13”

मेरी श्रद्धांजलि

और दिनों की तरह आज भी जब मैं  मोर्निंग वाक से वापस आया तो मन बिलकुल तरो ताज़ा था क्योकि मोर्निंग वाक के दौरान मैं कुछ spiritual बातें मोबाइल के द्वारा सुनता रहता हूँ | जिसको सुन कर मन शांत हो जाता है और ख़ुशी की अनुभूति होती है | घर आकर अपने रीडिंग टेबलContinue reading “मेरी श्रद्धांजलि”