अब मैं ने तय किया है कि आत्मा को स्वच्छ रखना है | हमारे अन्दर जो वर्षों से गन्दगी जमी हुई है उसे हटाना है, क्योंकि आत्मा में परमात्मा का अंश रहता है । कभी – कभी हम अपनी भावनाओं… Read More ›
kavita
आशा के तुम दीप जलाओ
कभी – कभी हमारे जीवन में कुछ ऐसी घटनाएँ घट जाती है जिसके कारण मन उदास हो जाता है और हम गुमसुम रहने लगते है | हालांकि उदासी, किसी बड़े दुख के अनुभव का एक छोटा सा हिस्सा मात्र होता है । ये… Read More ›
# खुदगर्ज इंसान #
आप किसी से प्रेम करते है और आप उसे प्रपोज करने की सोच रहे है , तभी आपको महसूस होता है कि वह आपके लिए ऐसी ही फीलिंग्स नहीं रखता है | जब आपको पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिलता है, तो… Read More ›
आशा के तुम दीप जलाओ
कभी – कभी हमारे जीवन में कुछ ऐसी घटनाएँ घट जाती है जिसके कारण मन उदास हो जाता है और हम गुमसुम रहने लगते है | हालांकि उदासी, किसी बड़े दुख के अनुभव का एक छोटा सा हिस्सा मात्र होता है । ये… Read More ›
# अकेलापन अजनबी नहीं है #
अकेलापन एक ऐसी भावना है जिसमें लोग एक खालीपन और एकान्त का अनुभव करते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति अपने को खाली, अवांछित और महत्वहीन महसूस करता है | उसे लोगों से मजबूत पारस्परिक संबंध बनाने में कठिनाई होती है, क्योंकि अकेलापन… Read More ›
# खेद नहीं है मुझे #
हम इंसान अपने ज़िंदगी में किसी किसी बात पर पछतावा करते रहते है | जब हमें अनुकूल मुकाम हासिल नहीं होता तो हमे पछतावा होने लगता है | हमें एक अच्छी नौकरी मिल रही थी लेकिन हमें अपने माता पिता… Read More ›
# ज़िन्दगी को जीना है #
यह सच है यारों , ज़िन्दगी बहुत कीमती है और बहुत खुबसूरत भी है | हमें अपनी ज़िन्दगी से प्यार करना चाहिए | अगर बुरा वक़्त है तो थोडा सब्र करना होगा क्योंकि हर काली रात के बाद खुबसूरत सवेरा… Read More ›
# दिल तो मेरा बच्चा है #
सचमुच दिल तो नादान होता है, बच्चा होता है | वह तो बस अपने सपनों का पीछा करता रहता है | उसे यकीन होता है कि एक न एक दिन वह उसे पा लेगा | उसे खुद पर भरोसा है… Read More ›
# मन के मंदिर मे #
एक प्रचलित कहावत है — “दिल तो बेचारा आवारा है, दिल का क्या कसूर ?” सही बात है । दिल अपने फितरत को लेकर आवारा है। आवारागर्दी करना ही दिल का काम है, और शायद इसीलिए, दिल सदा के लिए… Read More ›
# यादों के लम्हे #
आज मुझे माँ का वह दुलार याद आता है, जब माँ कहती थी बाहर जा पर दूर मत जाना | पापा का स्कूल से लेकर आना और छोडना, और उनका “बाबू “” कहना याद आता है । अब बहुत कुछ… Read More ›