#संस्मरण

# एक प्रेम ऐसा भी #

प्रेम करने वाला व्यक्ति प्रेम तो कर लेता है परंतु उसको ठीक से निभा नहीं पाता है | वास्तविक बात करें,  तो प्रेम करने से कई गुना कठिन काम है प्रेम को निभाना | प्रेम में दोनों तरफ आँखों पर… Read More ›

# मेरा ही अक्स है # 

कभी – कभी ऐसा महसूस होता है कि  बाहर चारों तरफ खुशियाँ है पर मेरे अंदर नहीं | मेरा मन हमेशा किसी न किसी बात से आहत  होता रहता है | ऐसा क्यों होता है, पता नहीं | मैं तो… Read More ›

# अलमारी से झांकती किताबें # 

यूँ ना छोड़ ज़िन्दगी की किताब को खुला बेवक्त की हवा ना जाने कौन सा पन्ना पलट दे .. आज सुबह सुबह जब मैं पार्क में टहलने गया तो  कुछ दोस्त वहाँ  मिल गए , दुआ सलाम के बाद हमलोग… Read More ›

#मैं कुछ अजूबे लिखना चाहता हूँ # 

हर मनुष्य का यही लक्ष्य होता है कि वह हमेशा खुश रहे | इसके लिए तरह तरह के उपाय ढूंढता है, लेकिन आज के बाहरी माहौल कुछ इस तरह का है कि हम उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते… Read More ›

# किस्मत की लकीरें #– 12 

कौन कहता है कि इंसान किस्मत खुद लिखता है अगर यह सच है तो किस्मत में दर्द कौन लिखता है .. कालिंदी  ऑफिस में पहुँच कर बड़े साहब का अभिवादन किया | कालिंदी को देखते ही बड़े  साहब अपने कुर्सी… Read More ›

# किस्मत की लकीरें # – 11 

अपने हौसले को यह मत बताओ कि तुम्हारी परेशानी कितनी बड़ी है, अपनी परेशानी को यह बताओ कि तुम्हारा हौसला कितना बड़ा है .. उन पाँच खतरनाक अपराधियों के मारे जाने की खबर चारो  तरह आग की तरह फ़ैल गयी… Read More ›