#संस्मरण

# ख़ुशी के आँसू # 

एक पार्क मे दो बुजुर्ग दोस्त आपस में बातें कर रहे थे…. राधेश्याम — मेरी एक बेटी है, शादी के लायक है | उसने BE किया है, नौकरी भी करती है | देखने में सुन्दर है और उसका  कद –… Read More ›

# Sattu of Bihar #

The Nutritious Marvel from Bihar that Conquered the World. Friends, A few days ago, I was strolling through the bustling market of Kolkata known as “Dharamtala.” The place was brimming with people, and hawkers displayed their skills, trying to negotiate… Read More ›

#सफलता का रहस्य#

दोस्तों,   आज मैं अपने ब्लॉग की शुरुवात एक कहानी से करता हूँ, तो आइये एक कहानी सुनते है |.. एक राजा था | वह बड़ा ही दानी था और वह हमेशा लोगों को कुछ ना कुछ देना चाहता था… Read More ›

सुबह-सुबह की सैर में # 

दोस्तों, आज की सुबह मेरे लिए खास था | सुबह हो चुकी थी लेकिन मैं देर तक सो रहा था क्योंकि रात मे देर से बिस्तर पर गया था | अचानक हमारे कमरे की खिड़की पर बहुत सारे कबूतर आ… Read More ›

# प्रेम की परिभाषा # 

दोस्तों , एक सप्ताह पहले मुझे कोलकाता के मिलेनियम पार्क (Millenium Park) में जाने का मौका मिला | दरअसल,  हमारे एक पुराने मित्र मुंबई से कोलकाता आए हुए थे और पास के ही एक होटल में ठहरे हुए थे |… Read More ›

#मुर्ख कौन ? 

दोस्तों, आज कल हम बिहार दिवस पखवारा मना रहे है | हमारे मन में विचार आया कि आज एक लोक कथा  की चर्चा की जाए | मुझे अपनी बचपन की याद आ रही  है जब  ऐसी लोक कथाएं  मेरी माँ… Read More ›

एक घर की कहानी

माँ, वह अद्वितीय भाव है जिसे शब्दों में पकड़ा नहीं जा सकता। माँ, वह स्वर्गीय संगीत है जो हमारे दिल को स्पर्श करता है। वह अपने बच्चों को स्नेहपूर्ण दुलार से पालती है, वह अपने बच्चों के प्रति हर तरह… Read More ›

# मेरी पहचान # 

मैं अपनी पहचान ढूंढ रहा हूँ | मेरी पह्चान क्या है — जब हम माँ की कोख में थे तो पूरी दुनिया हमें हमारी माँ के मध्यम से जान पाती थी | जब हम धरती पर पहला कदम रखते है… Read More ›

#कोलकाता की यादें# 

बात उन दिनों की है जब मुझे पहली बार कोलकाता में पोस्टिंग  मिली थी | साल २००४ में मैं कोलकाता के एक शाखा में ज्वाइन किया था | मुझे मेट्रो शहर में रहने का कोई अनुभव नहीं था, इसलिए मैं घबरा रहा था | लेकिन  संयोग से… Read More ›

# और गुल्लक फूट गया # 

मिश्रा जी, वैसे तो सारी ज़िंदगी बैंक के काम करते हुये बिता चुके थे | लेकिन बचपन से ही  उनके मन में  हिन्दी साहित्य के प्रति खास आकर्षण था | अब रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपने जवानी के दिनों  में… Read More ›