#मेरी कविता

#मैं कुछ अजूबे लिखना चाहता हूँ # 

हर मनुष्य का यही लक्ष्य होता है कि वह हमेशा खुश रहे | इसके लिए तरह तरह के उपाय ढूंढता है, लेकिन आज के बाहरी माहौल कुछ इस तरह का है कि हम उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते… Read More ›

#मोहब्बतें बेच रहा हूँ# 

आज जब समाचार पत्र पर नजरे  जाती है तो ऐसा महसूस होता है कि आज नफ़रतों का बाज़ार गरम है | ज़्यादातर समाचार मन को दुख पहुँचने वाली ही होती है | ऐसा लगता है जैसे आपसी भाई-चारा और प्रेम… Read More ›

#मैं और मेरी कलम # 

मैं और मेरी कलम हमेशा आपस में बातें करते है | जब भी पुरानी यादें मुझ पर हावी होती है तो यह कलम ही है जो कागज़ के पन्नो पर यादों की स्याही बिखेर देती है | जब भी आस… Read More ›

# खेद नहीं है मुझे #

हम इंसान अपने ज़िंदगी में किसी किसी बात पर पछतावा करते रहते है |  जब  हमें अनुकूल मुकाम हासिल नहीं होता तो हमे  पछतावा होने लगता है | हमें एक अच्छी नौकरी मिल रही थी लेकिन  हमें अपने माता पिता… Read More ›

#मैं रोज़ लिखता क्यों हूँ ?

एक दिन मैंने खुद से ही प्रश्न कर डाला कि मैं लिखता क्यों हूँ ? सचमुच मेरे लिए इसका उत्तर आसान नहीं था | तभी मेरे मन के किसी कोने से आवाज़ आई – जब मैं अपने अन्दर की भावनाओ को… Read More ›

#कविता के संगीत में#

 यह एक भावुक कविता मेरे मन में व्यक्त की गई है एक भावुकता और काव्यात्मकता की कहानी है । यह कविता एक इंसान के अंतर्मन को दर्शाती है, जो जीवन के उलझनों से जूझते हुए अपनी रौशनी को ढूंढ़ता है।… Read More ›

# दिल तो मेरा बच्चा है # 

सचमुच दिल तो नादान होता है, बच्चा होता है | वह तो बस अपने सपनों का पीछा करता रहता है | उसे यकीन होता है कि एक न एक दिन वह उसे पा लेगा | उसे खुद पर भरोसा है… Read More ›