यह कविता एक ऐसे अधूरे एहसास को दर्शाती है, जहाँ भावनाएँ तो गहरी हैं लेकिन स्पष्टता नहीं। यह उस रिश्ते की कहानी है जो ना पूरी तरह अपना बन पाता है, ना ही भुलाया जा सकता है—जहाँ कोई इंसान धीरे-धीरे एक अनकहा एहसास बन जाता है।
#तेरी यादें
# तेरी कुछ यादें #
लोग कहते है कि मन की किताब पढना आसान नहीं है | सही है… ज़िन्दगी कोई किताब नहीं है ज़नाब कि जो चाहे… जब चाहे… इसके पन्ने पलटे और इसे पढ़ ले | ज़िन्दगी के कुछ पल और कुछ एहसास… Read More ›