यह कविता अकेलेपन, यादों, और आशा की लौ को प्रदर्शित करती है। लेखक अपने मन के भीतर उफनते भावों को व्यक्त करते हुए उस प्रिय व्यक्ति को याद करता है जो उनसे दूर है। यह कविता खामोशी, तूफान, और यादों… Read More ›
#तनहाई
# तुम मेरी कविता हो..
पीछे मुड कर देखता हूँ तो अभी कुछ दिनों की बात लगती है,…ज़िन्दगी यूँ ही धीमी गति से चली जा रही थी कि अचानक से मेरे बचपन के शौक ने मेरे मन में उथल पुथल मचाया था और तभी कुछ… Read More ›