यह कविता उन ख्वाबों और इच्छाओं के बारे में है जिन्हें हम अपने भीतर संजोते हैं। डर और असफलताओं के बावजूद, असली खतरा तब होता है जब हम अपने ख्वाबों को मरने देते हैं और जिंदा रहकर भी अपने अंदर… Read More ›
यह कविता उन ख्वाबों और इच्छाओं के बारे में है जिन्हें हम अपने भीतर संजोते हैं। डर और असफलताओं के बावजूद, असली खतरा तब होता है जब हम अपने ख्वाबों को मरने देते हैं और जिंदा रहकर भी अपने अंदर… Read More ›