#कर्म

# क्षणभंगुर जीवन #

“क्षणभंगुर जीवन” एक दार्शनिक कविता है जो जीवन की क्षणिकता और संसार की नश्वरता को उजागर करती है। यह रचना हमें याद दिलाती है कि ऐश्वर्य, महल, और मान-सम्मान सब यहीं रह जाते हैं—साथ जाते हैं केवल हमारे कर्म और… Read More ›