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# कर्म बड़ा या भाग्य ? 

दोस्तों, आज मुझे अपने बचपन के दिनों का वाकया याद आ रहा है | तब मैं स्कूल में पढ़ता था | दोपहर  में स्कूल से आने के बाद खाना खा कर सो जाया  करता था | शाम के समय मुझे … Read More ›

# मेरा वो बचपन # 

गुज़र जाते है खुबसूरत लम्हें , यूँ ही मुसाफिरों की तरह.. यादें वही खड़ी रह जाती है, रुके रास्तों की तरह.. एक उम्र के बाद, उस उम्र की बातें उम्र भर याद आती है , पर वह उम्र फिर उम्र भर… Read More ›

# प्यारी दोस्त गौरैया # 

दोस्तों कुछ दिनों पूर्व यानी २० मार्च को दुनिया भर में  विश्व गौरैया दिवस (World Sparrow Day) मनाया गया | इसका मुख्य उद्देश्य गौरैया  पक्षी के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना और उसके संरक्षण के लिए ज़रूरी उपाय करना है |  … Read More ›

#मैंने सही किया या गलत ?

दोस्तों, मैं इस दिनों अपने ब्लॉग में अपने संस्मरण पोस्ट कर रहा हूँ | हमारे ऑनलाइन दोस्त इसे बहुत पसंद कर रहे है | सचमुच जीवन में घटी छोटी – छोटी सुखद घटनाये जब दुबारा याद करते है तो चेहरे… Read More ›

#कोलकाता मेरी जान#

बात उन दिनों की है जब मुझे पहली बार कोलकाता में पोस्टिंग  मिली थी | साल २००४ में मैं कोलकाता के एक शाखा में ज्वाइन किया था | मुझे मेट्रो शहर में रहने का कोई अनुभव नहीं था, इसलिए मैं… Read More ›

# भविष्यवाणी ज्योतिष का #

लोग ठीक ही कहते है कि ज़िन्दगी एक कोरा कागज़ की तरह होता है और  हम उस पर विभिन्न रंगों को बिखेर कर  उसे और सुन्दर बनाने का  प्रयास  करते है | मेरी भी जीवन यात्रा कुछ अलग तरह से… Read More ›

# और मूंछ कट गयी #

एक अलग ही पहचान बनाने की आदत है मेरी , तकलीफों में भी मुस्कुराने की आदत है मेरी | दोस्तों, कभी – कभी कुछ घटनाएँ ज़िन्दगी में ऐसी घटती है कि वह हमेशा के लिए दिलो -दिमाग पर छा जाती… Read More ›

# एक लघु कथा # 

लघु कथा फैक्ट्री में ड्यूटी का शिफ्ट समाप्त हो चूका था | राजेश को अपने अगले साथी को मशीन  का चार्ज देते हुए रात के करीब साढ़े बारह बज चुके थे , हालाँकि राजेश की शिफ्ट रात के बारह बजे… Read More ›