हमारी पोस्टिंग उन दिनों शिवगंज शाखा में थी | यह एग्रीकल्चर डेवलपमेंट शाखा थी यानी हमारी शाखा से कृषि ऋण ही ज्यादा दिए जाते थे | इसलिए कृषि ऋण तीन जिलों के किसानो को दिया हुआ था – सिरोही, पाली… Read More ›
मेरे संस्मरण
# बच गया बन्दुक से #
दोस्तों, ज़िन्दगी में बहुत सारे लम्हों को हम जीते है जो बाद में भी याद आते रहते है | खास कर नौकरी के दिनों में बहुत सारे छोटे छोटे अनुभव प्राप्त होते है | कुछ घटनाये तो ऐसी घटती है… Read More ›
# कभी ख़ुशी-कभी गम #
हेलो फ्रेंड्स यह सही है कि नौकरी करने के दौरान बहुत सारी सुखद और दुखद घटनाये घटित होती है, जो अपने दिलो दिमाग में घूमता रहता है | लोग कहते है कि सुखी जीवन जीना है तो दिमाग में… Read More ›
# ऊँट ज़हरीला सांप खाता है #
हेल्लो फ्रेंड्स , जब मेरी पोस्टिंग राजस्थान के गाँव में हुई थी तो उस समय मैं बहुत घबडाया था | जी हाँ, यह बात है १९८५ की | मेरे दिमाग में राजस्थान की जो तस्वीर थी उसके अनुसार वहाँ रेगिस्तनी… Read More ›
मैंने सही किया या गलत ?
दोस्तों, मैं इस दिनों अपने ब्लॉग में अपने संस्मरण पोस्ट कर रहा हूँ | हमारे ऑनलाइन दोस्त इसे बहुत पसंद कर रहे है | सचमुच जीवन में घटी छोटी – छोटी सुखद घटनाये जब दुबारा याद करते है तो चेहरे… Read More ›
# मुस्कुरा देता हूँ मैं #
मिली है तो, तू ज़िन्दगी को जी , उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनों के ताने बाने बुन उसमे उलझने की कोशिश न कर | बात उन दिनों है जब हमारी नौकरी बैंक में लगी थी | स्टेट… Read More ›
# मेरा वो बचपन #
गुज़र जाते है खुबसूरत लम्हें , यूँ ही मुसाफिरों की तरह.. यादें वही खड़ी रह जाती है, रुके रास्तों की तरह.. एक उम्र के बाद, उस उम्र की बातें उम्र भर याद आती है , पर वह उम्र फिर उम्र… Read More ›
# One Fine Morning #
Friends Today’s morning is different for me in many ways, I woke up from my deep sleep early in the morning because so many pigeons came to my window and sound “Gutroo gu .. Gutroo gu”, that sound is enough… Read More ›
# खराब चाय #
कुछ दिनों पूर्व मैं कोलकाता से पटना अपने घर जा रहा था | मुझे साल में दो बार पटना जाना होता है | मैं सामान्यतः ट्रेन से ही सफ़र करना पसंद करता हूँ | इसका मुख्य कारण है कि इसका… Read More ›
# मेरी कुछ यादें #
माना मैं तुम्हारे नए शहर की पुरानी इमारत ही सही, लोग आज भी मुझमे अपना बीता हुआ कल ढूंढते है | रांची को हमने खूब जिया है | तब हम खगौल (पटना) से नए नए रांची आये थे | स्कूल… Read More ›