kavita

# आज सुबह सवेरे #

रोज की तरह  सुबह ठीक पांच बजे मेरी नींद खुल गई  | सबसे पहले थोड़ी देर के लिए silence और  फिर Positive affirmation का अभ्यास किया | मेरी यह कोशिश रहती है कि  मैं रोज सकारात्मक विचारों से अपने दिन… Read More ›

# ज़िन्दगी के वो पल #

दोस्तों, हमारे मन में कभी कभी ऐसे कई सवाल खड़े हो जाते है जिनका जवाब हम ढूंढते रहते हैं |  कुछ प्रयत्न करने पर जवाब  मिल भी जाता है लेकिन तब तक कई और सवाल हमारे सामने खड़े हो जाते… Read More ›

दीप तले अँधेरा

ज़िन्दगी में टेंशन ही टेंशन है , फिर भी लवों पर मुस्कान है क्योंकि जीना जब हर हाल में है, तो मुस्कुरा के जीने में क्या नुक्सान है .. कोई कैसे सोच सकता है कि… जो इंसान अपनी खुशिओं का… Read More ›

तुम मेरी कविता हो..

पीछे  मुड कर देखता हूँ तो अभी कुछ दिनों की बात लगती है,…ज़िन्दगी यूँ ही धीमी गति से चली जा रही थी कि अचानक से मेरे बचपन के शौक ने मेरे मन में उथल पुथल मचाया था  और तभी कुछ… Read More ›

खामोश ज़िन्दगी..

ज़िन्दगी में कई ऐसे मौके आते है कि जब हमें लगता है कि हम उदास है, और हमारे चारो तरफ मुश्किलों का अम्बार लगा हुआ है | हमारे आस पास जो भी है वो सब हमारे खिलाफ है | एक… Read More ›

# मैं और मेरी कविता #

आज कल भगवान मेरी कोई प्रार्थना नहीं सुनते है। इसकी कोई ठोस वजह मुझे नज़र नहीं आता है | लोग कहते है कि भगवान को  साफ़ –  सफाई बहुत पसंद है … मैं घर में और अपने आस पास खूब… Read More ›

# मेरे अन्दर का र्द्वंद#

कर लबों पे हँसी काबिज़ …दिलों में दर्द रखते हैं,, जिन्हें मौत नहीं आती…अक्सर हर रोज़ मरते हैं …  मुझे पता है कि मेरा एक मात्र युद्ध सिर्फ खुद से है, और यह मेरे लिए बहुत महत्व रखता है क्योकि… Read More ›

# मेरे हौसले #

एक बेहतरीन ज़िन्दगी जीने के लिए यह स्वीकार करना ज़रूरी है कि जो कुछ भी मेरे पास है वो ही सबसे अच्छा है … किस्मत साथ दे या ना दे लेकिन हमारी कोशिशों में कभी भी कमी नहीं होनी चाहिए… Read More ›

# कभी कभी सोचता हूँ #

मन में विचारों का चलते रहना अनिवार्य है, यह जागरुकता और क्रिया का सर्वोच्च रूप है। विविध विचारकों ने अपने विचारों से ही विभिन्न सभ्यताओं का निर्माण किया है। हमारे सारे संबंध उस उपयुक्त, अनोपुयुक्त विचारधारा पर ही आधारित हैं।… Read More ›

तेरी कुछ यादें..

लोग कहते है कि  ज़िन्दगी की किताब पढना आसान नहीं है ….. सही है… ज़िन्दगी कोई किताब नहीं है ज़नाब कि जो चाहे… जब चाहे… इसके पन्ने पलटे  और इसे पढ़ ले | ज़िन्दगी के कुछ पल और कुछ एहसास… Read More ›