kavita

# ज़िन्दगी की किताब #

मेरी पहचान क्या है ? मैं बिहारी हूँ , मेरा जनम बिहार में हुआ है या मैं एक पति हूँ, एक बाप हूँ, एक हिन्दू हूँ या फिर रिटायर्ड बैंकर हूँ ‘’’ नहीं, मेरी यह पहचान नहीं है शायद |… Read More ›

# दोहरी ज़िन्दगी #

कभी कभी इंसान ज़िन्दगी में दोहरी ज़िन्दगी जीता है | वैसे तो हर इंसान में अच्छाई और बुराई दोनों ही निहित होती है | परन्तु वह हमेशा अच्छा होने का  दिखावा करने की कोशिश करता रहता  है | लेकिन है… Read More ›

# मैं सपने बेचता हूँ #

सपने वो नहीं होते  हैं  जो नींद में देखे जाते हैं, , सपने वो होते  हैं  जो  आपको सोने  नहीं  देते हैं. यह प्रसिद्ध कथन भारत में ‘मिसाइल मैन’ डॉक्टर अब्दुल कलाम का है |. सपने सच भी होते है, लेकिन यह… Read More ›

# तुम्हारी वो यादें #

दोस्तो, यादें हमारी जिंदगी के उन  पुराने लम्हों की वजह से बनते है जिसको हम कभी भूल नही पाते  है | वे यादों के पल कुछ भी हो सकते है … जैसे स्कूल की यादें या  पुराने दोस्तों की यादें… Read More ›

# खामोश ज़िन्दगी #

कभी-कभी खामोश होने का अर्थ स्थिति को स्वीकारना होता है परन्तु कभी यही खामोशी वेर्त्मान स्थिति को समझने के लिए भी होती है | आज कल के परिवेश में खामोशी, मानवीय गुणों में शामिल हो चुकी है। मेरी तो ख़ामोशी… Read More ›

# ज़िन्दगी की परिभाषा #

दोस्तों , हमारा मन बड़ा चंचल है, वह कभी – कभी कल्पनाओं की दुनिया में विचरण करने लगता है |  मन में उठ रहे विचारों के शब्दों को तोड़ मरोड़ कर चंद पंक्तियों में भावनाओं को प्रदर्शित करने की आजादी… Read More ›

# मैंने देखा था तुझको #

दोस्तों, जीवन में कुछ ऐसी घटनाएँ देखने को मिलती है जो स्मृति पटल पर अंकित हो जाती है और हमारे लिए एक सबक छोड़  जाती है | इन घटनाओं का प्रभाव हमारे मन पर इस कदर पड़ता है कि हमें… Read More ›

# आज सुबह सवेरे #

रोज की तरह  सुबह ठीक पांच बजे मेरी नींद खुल गई  | सबसे पहले थोड़ी देर के लिए silence और  फिर Positive affirmation का अभ्यास किया | मेरी यह कोशिश रहती है कि  मैं रोज सकारात्मक विचारों से अपने दिन… Read More ›

# ज़िन्दगी के वो पल #

दोस्तों, हमारे मन में कभी कभी ऐसे कई सवाल खड़े हो जाते है जिनका जवाब हम ढूंढते रहते हैं |  कुछ प्रयत्न करने पर जवाब  मिल भी जाता है लेकिन तब तक कई और सवाल हमारे सामने खड़े हो जाते… Read More ›

दीप तले अँधेरा

ज़िन्दगी में टेंशन ही टेंशन है , फिर भी लवों पर मुस्कान है क्योंकि जीना जब हर हाल में है, तो मुस्कुरा के जीने में क्या नुक्सान है .. कोई कैसे सोच सकता है कि… जो इंसान अपनी खुशिओं का… Read More ›