अजनबी शहर के अजनबी रास्ते, मेरी त न्हाई पर मुस्कुराते रहे, मैं बहुत देर तक यूं ही चलता रहा, तुम बहुत देर तक याद आते रहे ज़हर मिलता रहा, ज़हर पीते रहे, रोज़ मरते रहे, रोज़ जीते रहे, ज़िंदगी भी… Read More ›
अजनबी शहर के अजनबी रास्ते, मेरी त न्हाई पर मुस्कुराते रहे, मैं बहुत देर तक यूं ही चलता रहा, तुम बहुत देर तक याद आते रहे ज़हर मिलता रहा, ज़हर पीते रहे, रोज़ मरते रहे, रोज़ जीते रहे, ज़िंदगी भी… Read More ›