मेरे संस्मरण

# 786 का जूनून #

दोस्तों, यह सच है कि कहानियों को पढने से या फिल्मों में देखने से कुछ घटनाएँ कभी कभी  हमारे दिमाग पर गहरा छाप छोड़ देते है | खास कर मेरे चहेते कलाकार के द्वारा फ़िल्मी परदे पर निभाए किरदार को… Read More ›

# कहानी एक कमीज़ की #

यह बात है 1991-92 की, जब हमारे बैंक में कम्प्यूटराइजेशन (computerization) हो रहा था | मुझे कंप्यूटर के बारे में ज्यादा अनुभव नहीं था | इसलिए मेरे अलावा कुछ और स्टाफ इसे लेकर  काफी परेशान थे | हमारे मन में… Read More ›

# यादों के झरोखें से #

दोस्तों , कभी कभी हम अकेले में होते है तो  अपने अतीत में खो जाते है और फिर बीती कुछ घटनाएँ याद आने लगती है, जिसे याद कर  चेहरे पर एक मुस्कान बिखर जाती है | मेरा प्रयास है कि… Read More ›

# I have done this # 

I had a desire since childhood that I should learn to swim, but at that time there were neither such conditions nor such facilities available. But It is said that sometimes such incidents happen, which you do not even expect…. Read More ›

# लालपरी  का क्या कसूर #

बात उन दिनों की है ,जब मेरी कोलकाता में नयी नयी पोस्टिंग हुई थी  और  मैं  हाथी बगान शाखा का ब्रांच मेनेजर था |  यहाँ मुझे नए नए तरह के अनुभव  मिल रहे थे |  चूँकि बड़ी शाखा थी अतः… Read More ›

# खेत खाय गधा..मार खाए ?

दोस्तों , आज कल हमारे देश में एक किसान आन्दोलन चल रहा है | मैं समझता हूँ कि भारत के इतिहास में अब तक का यह सबसे लम्बा आन्दोलन है | करीब साल भर होने को है और पता नहीं… Read More ›

# दोस्तों की महफ़िल #

दोस्तों, अपने बैंकिंग सर्विस में मुझे नयी नयी जगह को देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ | कुछ लम्हे मीठे थे तो कुछ में कटु अनुभव भी हुए | आज जब उन पलों को याद करता हूँ, या हम उन्ही सहकर्मियों… Read More ›

# और मैं बच गया #

दोस्तों आज मैं अपनी जिंदगी के एक अहम घटना की चर्चा करना चाहता हूँ | बात उन दिनों की है जब मेरी पोस्टिंग पटना के अशोक  राजपथ शाखा में हुई थी | चूंकि हमारा  घर भी पटना में ही था… Read More ›

# कोलकाता की पहली यात्रा #

दोस्तों आज मैं अपनी  पुरानी यादों के पन्ने उलट रहा था तो एक बीती घटना की याद आ गयी | मेरी इच्छा हो रही है कि आज उसी घटना को आप लोगों के साथ शेयर करूँ..| आज मैं जिस  घटना… Read More ›

# मैंने वो कर दिखाया #

मुझे बचपन से ही ये इच्छा थी कि मैं तैरना सीखूं , पर उस समय न तो उस तरह के हालात थे और न ही सुविधा ही उपलब्ध थी | कहते है न कि कभी कभी कुछ ऐसी  घटनाएँ घट… Read More ›