# सेंटा क्लॉस # 

दोस्तों,

दुनियाभर में हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन क्या बच्चे और क्या बड़े सभी को अपने सेंटा क्लॉस (Santa Claus) से तोहफे मिलने का इंतजार बना रहता है।

वही शांता, सफ़ेद लम्बी ढाढ़ी वाले बाबा जो  लाला पोषक पहने आते है और बच्चो को तोहफे देकर जाते है | बच्चे जिंगल बेल ..जिंगल बेल ख़ुशी ख़ुशी गाते है और इस  त्योहार को ईसा मसीह के जन्म की खुशी में मनाते है ।

लोग इस दिन एक दूसरे को उपहार देने के साथ खूबसूरत बधाई संदेश भी भेजते हैं । हमलोग सोशल मीडिया के द्वारा शुभकामना संदेश और रंग बिरंगी कार्ड्स भेजते है । 

शुभकामना सन्देश

आज २५ दिसम्बर है और हम लोग इस अवसर पर दोस्तों और रिश्तेदारों को अलग अलग तरीके से “Merry Christmas” की शुभकामना का सन्देश भेजने की तैयारी कर रहे  है |

कल सुबह सुबह मेरी छः साल की पोती ने एक कागज़ में कुछ लिखा, उसे एक लिफाफे में बंद किया और  मुझे दिखा कर कहा … मैं सांता क्लॉस से अपनी इच्छा के तोहफे के बारे में इस पेपर पर लिख दिया है लेकिन यह secret है, किसी को भी नहीं दिखाउंगी |

इसे तकिये के नीचे रख कर आज रात को सो जाऊँगी तो रात में सांता आएगा और मेरे कागज़ में लिखे गिफ्ट को मेरे सिरहाने रख कर चला जायेगा, क्योकि आज merry Christmas है |

मैं Christmas tree को  सजाऊँगी | उसने एक पेपर पर सुन्दर सांता क्लॉस का चित्र भी बना कर दिखाया |

सचमुच बच्चे को इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार रहता है | सांता को बच्चे अपना बेस्ट फ्रेंड जो मानते है |

अचानक मेरी पोती ने मुझे सांता की कहानी सुनाने की जिद की और मुझे उसे कहानी सुनानी ही पड़ी | तो आइये आप भी जानिए कि यह “सांता क्लॉस”  कौन है ..

सांता क्लॉस”  कौन है

तीसरी शताब्दी में जन्मे सर निकोलस को सांता क्लॉस के नाम से जाना जाता है |

ऐसा माना  जाता है कि सर निकोलस का जन्म  तुर्की में २८० ई में हुआ था | ये  एक इसाई बिशप थे | निकोलस एक ऐसे परिवार से थे जो हमेशा ज़रूरतमंदो की मदद किया करते थे  |

उन्हें अपनी धार्मिकता और दया के लिए जाना जाता था | सांता की लाल पोषक और हंसमुख लम्बी दाढ़ी वाली छवि को बना कर कार्टून और कहानियों में प्रकाशित होने लगी जो बच्चो को खास भाने  लगी |

और इस तरह से सांता का रूप सबके सामने आया | हमलोगों के मन में भी यह बात आती है कि क्यों सांता हमारे  बच्चो की विश पूरा करने और उनके जुराबों में गिफ्ट भरने आते है |

इसके पीछे भी एक कहानी है जो निकोलस का लोगों के प्रति सेवा भाव  को दर्शाती है |

इस कहानी के अनुसार एक गरीब व्यक्ति था जिसके पास अपनी तीन बेटियों की शादी के लिए धन नहीं था इसलिए वह उन्हें मजबूरन देह व्यापार में धकेल रहा था |

यह देख कर निकोलस को उन लड़कियों पर दया आ गई और उसने  घर के बाहर उन लड़कियों के सुख रही जुराबों में चुपके से सोने के सिक्के रख दिए  और इस तरह उन्होंने अपनी उदारता का परिचय दिया |

इस कहानी से प्रेरणा लेकर बच्चे  क्रिसमस की रात में  अपनी जुराब और थैली को अपने छतों पर लटकाते है ताकि सांता उनके लिए उनमे गिफ्ट रख सके |

इस तरह आज बच्चो के बीच  हँसता हुआ सफ़ेद दाढ़ी वाला सांता क्लॉज़ बहुत लोकप्रिय है |

इस अवसर पर देश और धर्म के बंधन से ऊपर उठ कर दुनिया के सभी लोग सुख और शांति की कामना करते है | सबलोग मिल जुल कर इस पर्व को मनाते  है और एक दुसरे को  Merry Christmas बोलते है ..

क्रिसमस के शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवार को हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं …Merry Christmas to you and your family…..

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Categories: infotainment

14 replies

  1. Merry Christmas Sir ❤️🌹✨🎁🤗

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  2. Merry 🎁Christmas 🥰 dear Devang ✨

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  3. A very Merry Christmas to you 🎅🎅🎅

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