#मैं कुछ अजूबे लिखना चाहता हूँ #

Good afternoon friends,

Retiredकलम

हर मनुष्य का यही लक्ष्य होता है कि वह हमेशा खुश रहे | इसके लिए तरह तरह के उपाय ढूंढता है, लेकिन आज के बाहरी माहौल कुछ इस तरह का है कि हम उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते है | खुश रहने के लिए ज़रूरी है कि हम कुछ अलग तरह की सोचें , कुछ अलग तरह का करें, या अपनी लेखनी मे कुछ अलग तरह की सोच लाया जाए |

हम खान पान को नियमित कर स्वस्थ शरीर तो पा लेते है लेकिन समस्या यह है कि मन को स्वस्थ और तनाव मुक्त कैसे रखा जाए ? चिंता और तनाव हर किसी के ज़िन्दगी में आता है | ज़रूरी है कि हम उससे किस तरह निपटते है | हमारी कोशिश है कि रोज़ कुछ लिखूँ और कुछ अजूबे लिखूँ .. ..

मैं कुछ अजूबे लिखना चाहता हूँ

मैं रोज़ रोज़ कुछ लिखना चाहता हूँ |

हाँ !…

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