ज़िंदगी को देखा है,

At the end of the day, all that really matters is that,
your loved one is well, you have done your best and
you are thankful for all that you have….

Retiredकलम

जिंदगी क्या है ? शायद यह कुछ समय का एक कारवाँ है, और हम सब इस कारवाँ के मुसाफिर है | बस ,चले जा रहे है किसी अनजान मंजिल की ओर | कुछ लोग रास्ते में बिछड़ गए और कुछ ने तो मंजिल ही बदल लिया |

रास्ते के पड़ने वाले ज़िन्दगी के तीन पडावों को पार करना है— बचपन, जवानी और बुढ़ापा | देखे, किसे कौन सा पड़ाव नसीब होता है | कुछ नए साथी मिलेंगे तो कुछ पुराने छुट जायेंगे | लेकिन रुकना मना है क्योंकि चलना ही जीवन की सच्चाई है |

मैंने तुझको देखा है

जब भी आईना देखा है ..

ये ज़िन्दगी मैंने तुझको देखा है

चाहे जितनी भी मुसीबतें आये

तुझे मुस्कुराते हुए देखा है |

यूँ तो कभी सोचा ना था कि

उन से नज़रें चार हो जाएगी

ऐ ज़िन्दगी किसी मोड़ पे

तुझसे यूँ प्यार हो जाएगी |

सोचता था रास्ते में…

View original post 75 more words



Categories: Uncategorized

14 replies

  1. बहुत ही खूबसूरत रचना। 👌👌
    जब भी आईना देखा है ..

    ये ज़िन्दगी मैंने तुझको देखा है

    चाहे जितनी भी मुसीबतें आये

    तुझे मुस्कुराते हुए देखा है |

    Liked by 1 person

  2. बेहतरीन रचना 👌👌

    Liked by 1 person

  3. Yes. The best is all we can do.

    Liked by 1 person

  4. Wah बेहतरीन पोस्ट

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: