मैं और मेरी कविता

आज कल के हालत ऐसे हो गए है कि सब को कोई ना कोई तकलीफ़ हैं अपनी ज़िंदगी से । कोई बहुत अच्छी,  बिना तकलीफ़ वाली लाइफ नहीं जी सकता ।

यह सच है कि  अगर हम  अपना ध्यान तकलीफ या परेशानी पे लगायेंगे  तो सिर्फ परेशान ही रहेंगे । जो मिला हैं उसका सुक्रिया अदा करना सीखना होगा ।

दुनिया की सबसे अच्छी और सबसे बुरी… एक  बात याद रखनी चाहिए….

“# यें वक्त भी गुज़र जायेगा #

सबसे ज़्यादा अच्छी बात भी ख़तम हो जाएगी और बुरी भी। बस, भगवान पर भरोसा चाहिए |ज़िन्दगी से जुड़े उन्ही एहसासों को अनुभव कराता यह कविता प्रस्तुत है | आशा है आप को पसंद आएगी |

एक कविता लिख रहा हूँ

ज़िन्दगी के कुछ  अनुभव  कागज़ पर उकेर रहा हूँ

मन का कहा मान,  आज एक कविता लिख रहा हूँ

रात और दिन हमारे काले सफ़ेद मोहरे हैं 

ज़िंदगी की बिसात पर सतरंज खेल रहा हूँ

 सह और मात से बच – बच  कर

रेत सी फिसलती ज़िंदगी झेल रहा हूँ 

हाँ, आज एक कविता लिख रहा हूँ 

ज़िंदगी ने बहुत कुछ दिया, पर 

मेरी  भावनाओं को लूटा  भी है

कुछ ख़ुशी के पल भी दिए है  पर

 दुःख के आँसू  से. दिल टूटा भी है  

आज  उन्ही  लम्हों का  हिसाब लगा रहा हूँ

हां,.. आज मैं  एक कविता लिख रहा हूँ

कभी अपनों  ने जलाया, कभी खुद भी जला हूँ

आज उन घाव पर खुद ही, मरहम लगा रहा हूँ 

अपनों के कारण जो मुझे ज़ख्म मिले है  

आज उन ज़ख्मों को खुद को दिखा रहा हूँ 

 जी हाँ, आज  मैं  एक कविता लिख रहा हूँ

                              ( विजय वर्मा )

पहले की ब्लॉग  हेतु  नीचे link पर click करे..

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

If you enjoyed this post, please like, follow, share, and comments

Please follow the blog on social media … visit my website to click below.

        www.retiredkalam.com



Categories: kavita

38 replies

  1. मुझे यह बहुत ही अधिक पसंद आया l

    Liked by 2 people

  2. मन मोहक कविता!
    पढ़के तस्सली हुई।
    जय श्री कृष्णा।

    Liked by 1 person

  3. Beautiful poem sir. Everytime you write poems it’s unique and full of emotions.
    Keep sharing and smiling😊

    Liked by 1 person

  4. वाह। बहुत ही खूबसूरत कविता। पढ़ कर सुकून मिला । शानदार सर। 🙏

    Liked by 1 person

    • बहुत बहुत धन्यवाद डिअर |
      आपके शब्द मेरा हौसला बढाते है |

      Like

      • एक ही सफर के दोनों मुसाफिर,
        कभी हम गुदगुदायें,
        कभी आप गुदगुदाना,
        माना तिमिर आज है कल छटेगा,
        कभी हम मुस्कुराएं,
        कभी आप मुस्कुराना।🙏🙏

        Liked by 1 person

        • वाह वाह, बहुर सुन्दर लिखा है |
          आप एक अच्छे कवि है / मुझे आपकी कविता बहुत पसंद है |
          आप लिखते रहें |

          Like

  5. A beautiful poem 👌👌

    Liked by 1 person

  6. बहुत ही खूबसूरत कविता👏👏

    Liked by 1 person

  7. अच्छी कविता।

    Liked by 1 person

  8. वीडियो बहुत अच्छा लगा।

    Liked by 1 person

  9. Kavita ke saath video clip bhi achha laga.

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: