#पुरानी सोच का क्या करूँ ?

Good afternoon friends

Retiredकलम

यादों की दुनिया मे मन हमेशा  उलझा रहता है | कई बार तो पुरानी यादें मन में  शूल बन कर  इस कदर चुभ जाते हैं कि जिंदगी खत्म सी लगने लगती है।  समय मानो थम सा गया हो , और आगे के सारे रास्ते बंद नज़र आते है |

इंसान की ज़िंदगी में  ऐसी कुछ खास घटना घट जाती है, जिसकी यादों में जिंदगी फंस कर रह जाती है |  हम हमेशा के लिए  यादों के भंवर में उलझ कर रह जाते हैं ।

उस वेदना से निकलने के लिए अपनी सोच को बदलने का प्रयास करना होगा , यह काम क्या इतना आसान है ?

कुछ सूखे फूल अब भी

गुलदस्ते में पड़े है,

चाहता हूँ मैं उन्हें फेंकना

लेकिन कुछ यादें जुड़ी है उनसे |

कुछ बासी शब्द अब भी

पुरानी डायरी के पन्नों में पड़े है

चाहता हूँ उन्हें मिटाना

लेकिन कुछ वादे किए हैं उनसे |

View original post 83 more words



Categories: Uncategorized

4 replies

  1. Well thought of and very nicely composed.

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: