# यादों के लम्हे #

दुनियाँ का सबसे कीमती तोहफा एक अच्छा हमसफर है ,
जो कीमत से नहीं किस्मत से मिलता है ॥| राधे राधे ॰

Retiredकलम

आज मुझे माँ का वह दुलार याद आता है, जब माँ कहती थी बाहर जा पर दूर मत जाना | पापा का स्कूल से लेकर आना और छोडना, और उनका “बाबू “” कहना याद आता है ।

अब बहुत कुछ बादल गया है | आस पास का नज़ारा, भी बदल गया | क्या आपको भी वो दूरदर्शन वाला समाचारयाद आताहै ?

कैसे गुज़र गए वो बचपन के दिन | मिलेगा मौका तो फिर जीना है वही बचपन,, जिसका एक – एक लम्हा याद आताहै।

यादों के लम्हे

जाने कब – कैसे गुजर गए वो दिन

अब हँसता हूँ उन यादों के लम्हे गिन

कभी ये हँसाती है, कभी ये रुलाती है

कभी कभी तो रात भर मुझे सताती है

बचपन की यादें दिल से नहीं जाती है

मेरी तनहाई में यह मुझे तड़पाती है

पहली बार छठी कक्षा में abc से पड़ा था पाला

पहली बार…

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2 replies

  1. Bhut acha likha he sir!!!
    Muje apne school ki yaa aa gai!!!
    vse me dusri bar pard rha hu, par maza aa gaya

    Liked by 1 person

    • हा हा हा …
      बहुत बहुत धन्यवाद डियर |
      बचपन के किस्से बार बार याद करने को दिल करता है |

      Like

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