# भावनाओं के भँवर में #

आपको तथा आपके परिवार को अक्षय तृतीया और
भगवान विष्णु के छठे अवतार श्री परशुराम जयंती
की हार्दिक शुभकामनायें |

Retiredकलम

हमारी भावनाएं हमारे जीवन का एक अविभाज्य अंग हैं | भावनाओं के बिना जीवन कैसा ? हमारी भावनाएँ ही हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी हमें खुश रख सकती है |

हमें स्वयं के साथ – साथ सभी की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए | यह भावनाएं ही है जो हमें एक दूसरे से जोड़ कर रखती है |

कभी – कभी हम अपनी भावनाओं को किसी के सामने व्यक्त नहीं कर पाते | ऐसी परिस्थिति में हम कागज़ और कलम की मदद से अपने भावनाओं को व्यक्त करते है | कभी – कभी उन भावनाओं में लिखी गई कविता को दोबारा पढ़ कर दिल को सुकून प्राप्त होता है | अतः जीवन में भावना का होना अत्यन्त महत्वपूर्ण है ।

भावनाओं के भँवर में

दिन तो फिर भी कट जाते है,

शाम होते याद आता है कोई

तन्हा तारों से कटती नहीं रातें

दिल में सीटी बजाता है कोई

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  1. # भावनाओं के भँवर में # – आओ कुछ नया सीखें

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