# मन के मंदिर मे #

The most useful asset of a person is not a Head
full of knowledge, but a Heart full of love,
Ears ready to listen and Hands willing to help.
Stay happy, Stay blessed.

Retiredकलम

एक प्रचलित कहावत है — “दिल तो बेचारा आवारा है, दिल का क्या कसूर ?”

सही बात है । दिल अपने फितरत को लेकर आवारा है। आवारागर्दी करना ही दिल का काम है, और शायद इसीलिए, दिल सदा के लिए बदनाम है।

दिल तो बेचारा जगह – जगह खुशियां खोजा करता है | जब उसे चोट लगता है तो दिल टूट जाता है। दिल का टूटना और उसे मनाने में व्यक्ति लगातार कोशिश करते रहता है । कोई मना भी लेता है,

किसी का दिल मान भी जाता है। लेकिन, जिसका दिल नहीं मानता हैं उसका क्या ?

मन के मंदिर मे

जब भी बैठता हूँ मौन में

मैं तुम्हें गुनगुनाते हुए देखता हूँ

तुम्हारे वो खोये हुए छंद

मैं फिर से महसूस करता हूँ |

वो आज फिर मेरे पास है

जो मेरे दिल की खास है

जिसमें उसकी खुशबू है

और उसका एहसास है ।

आज वो फिर…

View original post 134 more words



Categories: Uncategorized

2 replies

  1. दिल से दिलचस्प।

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: