# ऐसा भी होता है #..

Respect those who tell you the ugly truth,
not those who tell you beautiful lies.

Retiredकलम

मैं ने उत्पल दास से विनती भरे स्वर में कहा कि किसी तरह उस बुढिया के मकान में रहने की जुगाड़ कराओ , क्योकि तीन दिनों के भीतर पहले वाला मकान खाली करना है | मैं बहुत परेशान हूँ |

कुछ सोच विचार कर वो फिर बोला ..आप थोडा अपना हुलिया ठीक कर gentleman बन कर जाइये और  उनलोगों से निवेदन कीजिए | वो लोग बहुत गरीब है पर भले है , इसीलिए वो आप के निवेदन को मान जाएंगे |

लेकिन आप मेरे बारे में चर्चा मत करना | उनके पति थोडा कड़क स्वभाव के है | हम से उनकी बनती नहीं है |

उसकी सलाह को मानते हुए , मैं दुसरे दिन बैंक से एक दिन की  छुट्टी लिया |   सैलून गया और  बाल दाढ़ी ठीक करवाई | फिर  बिल्कुल  जेंटलमैन बन कर दुबारा शाम के वक़्त उस बुढिया के पास गया |

बड़ी सी गेट पर…

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4 replies

  1. Gosto bastante de sinceridade!

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