#मंदिर के भगवान्#

You cannot control what others say, or how they treat you,
but you are in control of what you choose to believe, tolerate & allow,
Don’t settle for nothing less than what you deserve..

Retiredकलम

यह सच है कि हम प्रभु को दु:ख और संकट में ही याद करते है। सुख में याद करना भूल जाते हैं। यदि सुख में भी प्रभु को हमेशा याद करें तो जीवन में दु:ख नहीं आएगा , ऐसा साधू संतो ने कहा है |

प्रभु पर हमेशा भरोषा रखना चाहिए और अच्छे कर्म करने चाहिए |

मंदिर के भगवान्

घर में एक मंदिर है ,

मंदिर में एक मूरत है

मूरत में एक सूरत है

सूरत में भगवान् है

सब के पालनहार है

सूरत सच्चा लगता है

बिगड़े काम जब बनता है ..

कभी वह झूठा लगता है

जब बना काम बिगड़ता है.

मंदिर तो वही पुरानी है

पर बदल गयी कहानी है

आज अगर कुछ पाना है

मंदिर में भोग लगाना है

देख भगवान् मुस्काते है

जब मस्का उन्हें लगाते है

हम खुद तो रिश्वत लेते है

और मुफ्त का खाते पीते है

अपनी मन्नत पूरी हो, तो

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Categories: Uncategorized

7 replies

  1. Jo hamare bhitar bhagwan hai wohi mandir hai use bada mandir koyi nahi hai hum hai toh o hai

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    • बहुत सुंदर विचार ,
      यह सत्य है कि हम जानते हुये कि भगवान हमारे भीतर ही
      रहता है ,फिर भी हम उन्हे बाहर ढूंढते है |

      Liked by 1 person

  2. बहुत ही सुंदर रचना 🙏🙏

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  3. जय श्री राम। 🙏🙏🙏

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