# भुत का आतंक#- 1

Good evening friends

Retiredकलम

दोस्तों,

कभी कभी हम ऐसे विषय के बारे में पढ़ लेतें है, जिस पर अचानक से विश्वास नहीं होता है, लेकिन जब गहराई से उसका विश्लेषण करते है तो अनायास ही उस पर विश्वास करने का मन करता है |

वैसे मैं भुत प्रेत की कहानी नहीं लिखना चाहता था , क्योंकि पढने वाले ही नहीं, कभी कभी मैं भी डर जाता हूँ |

वैसे मैं लोगों से कहता फिरता हूँ कि मैं भुत – प्रेत में विश्वास नहीं करता हूँ, लेकिन सच कहूँ तो ऐसा नहीं है | मेरे साथ घटी एक घटना ने मुझे प्रेत -आत्मा में विश्वास करने पर मजबूर कर दिया है |

बात उन दिनों की है जब मेरी माँ की मृत्यु पटना स्थित आवास में हो हुई थी | उन दिनों मैं कोलकाता में था | दुर्भाग्य से उनके मृत्यु के समय मैं वहाँ उनके पास नहीं था | सबसे छोटा बेटा होने के…

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9 replies

  1. Olá! Esta vegetação é bem parecida com a que temos aqui em casa 🍀✨🍀✨

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