# मेरी विदेश यात्रा# 3

When you finally realize that nothing is permanent in this life,
you will become more tolerant, more forgiving & less Judgmental.

Retiredकलम

तीसरा दिन

हमलोगों को सिंगापुर की यात्रा में बहुत मज़ा आ रहा था | हालाँकि थका देने वाले टूर के बावजूद दो दिन दर्शानिये स्थल देखने में कैसे निकल गए, पता ही नहीं चला | हाँ, थोड़ी थकान ज़रूर होती थी लेकिन घुमने में बहुत मज़ा आ रहा था |

आज यात्रा का तीसरा दिन था और मुझे सुबह पांच बजे बिस्तर छोड़ देना पड़ा | रात में नींद पूरी नहीं होने के कारण उस समय मेरी आँखे भारी भारी लग रही थी | शरीर में भी थकावट का अनुभव हो रहा था |

मैं अपनी थकान को कम करने के लिए, अपने होटल के कमरे के फर्श पर बैठ कर थोड़ी देर योगा किया |

मेरे भ्रामरी प्राणायाम की आवाज़ सुनकर मेरी लाइफ पार्टनर की नींद खुल गई और उन्होंने मुझे देखते हुए, शिकायत भरे लहजे में कहा … आप तो मुझे सोने ही नहीं दोगे |

अब मैं…

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23 replies

  1. आपने ब्लॉग के माधयम से मुझे भी सिंगापुर घुमा दिया, बहुत ही सुंदर चित्रण किया, मान गए उस्ताद आपको

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  2. तब तो मैं फ्री मे आपके साथ घूम लुंगी, मैं धन्य हो गई

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