#कोलकाता मेरी जान#

Life is too short to argue and fight.
Count your blessings. Love your family & friends.
Make the most of every day.

Retiredकलम

बात उन दिनों की है जब मुझे पहली बार कोलकाता में पोस्टिंग मिली थी | साल २००४ में मैं कोलकाता के एक शाखा में ज्वाइन किया था | मुझे मेट्रो शहर में रहने का कोई अनुभव नहीं था, इसलिए मैं घबरा रहा था |

लेकिन संयोग से मुझे मेरे दूर के सम्बन्धी के पास रहने का ठिकाना मिल गया | मैं गिरीश पार्क इलाके में अपना ठिकाना बनाया | वहाँ से बैंक की दुरी इतनी थी कि मैं पैदल रोज़ बैंक आना जाना कर सकता था |

रविवार का दिन था और बैंक की छुट्टी थी | इसलिए मैंने सुबह सबह कुछ दुरी पर स्थित पार्क में बैठ कर समय बिताने की योजना बनाई |

मैं अकेला ही वहाँ के सार्वजानिक उद्यान मे टहल रहा था | जाड़े का मौसम था और सुबह की चमकती धूप की गर्माहट मुझे अच्छी लग रही थी | थोड़ी देर टहलने के बाद वहाँ…

View original post 928 more words



Categories: Uncategorized

8 replies

  1. Seu país é lindo 🌻🌻🌻 Parabéns 👏👏

    Liked by 1 person

  2. Ha Ha Ha,
    Obrigado querida.🙂

    Like

Leave a Reply to TanvirKaur Cancel reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: