#सोच अपनी अपनी#

We are shaped by our thoughts, we become what we think .
When the mind is pure, joy follows like a shadow that never leaves.
Stay happy…Stay blessed..

Retiredकलम

ठाकुर साहेब अपने घर के बरामदे में बैठ कर धुप सेंक रहे थे | जाड़े में सुबह की धुप बड़ी प्यारी होती है | ठकुराईन पास में ही बैठे मटर छिल रही थी | तभी एक फेरीवाला घर के बाहर से चिल्लाता हुआ गुज़र रहा था — “पुराने कपड़े दे दो और बदले में बर्तन ले लो |

फेरीवाले की आवाज़ सुन कर ठकुराईन अपनी साड़ी के पल्लो संभालती हुई दरवाज़े पर आयी और जोर से आवाज़ लगाईं – ओ फेरीवाले, इधर तो आना |

फेरीवाला लौट कर ठकुराईन के दरवाज़े पर आया | उसने ठकुराईन को देखा तो उसके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे | उसने सोचा, ठकुराइन बड़े घर की है तो आज ढेर सारे कपडे मिलेंगे और अच्छी आमदनी हो जाएगी |

ऐसा सोच कर उसने माथे से भारी टोकरी को उतार कर ठकुराईन के घर के दरवाज़े के पास रखा और थोडा सुस्ताने लगा | इस…

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