# कोलकाता की पहली यात्रा #

प्रार्थना और विश्वास दोनों अदृश्य है ,
परन्तु दोनों में इतनी ताकत है कि
नामुमकिन को मुमकिन बना देता है /

Retiredकलम

दोस्तों

आज मैं अपनी पुरानी यादों के पन्ने उलट रहा था तो एक बीती घटना की याद आ गयी | मेरी इच्छा हो रही है कि आज उसी घटना को आप लोगों के साथ शेयर करूँ..|

आज मैं जिस घटना की चर्चा करना चाहता हूं वह करीब 20 साल पुराना है | उन दिनों मैं मुजफ्फरपुर शाखा में कार्यरत था | अचानक एक दिन क्षेत्रीय प्रबंधक महोदय का फोन आया कि मुझे डेपुटेशन पर गया ब्रांच जाना है |

हमारा घर पटना में है और गया ब्रांच से रेलवे व्यवस्था के कारण घर आने जाने की सुविधा थी | इसलिए डेपुटेशन की खबर पाकर मैं बहुत खुश था | मैं मन ही मन सोचा कि शनिवार और रविवार को घर पर रहने का मौका मिलेगा | मुझे 15 दिनों के लिए डेपुटेशन पर भेजा गया था |

मैंने गया शाखा ज्वाइन कर लिया और काम करते हुए शनिवार का इंतज़ार…

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