#मेहनत का फल#

कोलकाता का एक शानदार होटल, जिसमे ब्रांच मेनेजर लोगों की मीटिंग चल रही थी | मैं भी ब्रांच मेनेजर के रूप में शरीक था |

लंच का समय हमलोग अपने बॉस के साथ लंच ले रहे थे | बॉस का  मूड ठीक था और हमलोग भी उनके साथ लंच का मजा ले रहे थे | मीटिंग में जब डांट नहीं पड़ती है तो लगता है जैसे जीवन सफल हो गया वर्ना लाइफ तो झिंगालाला लगता था |

खैर, बातों -बातों में हमारे DGM साहब ने मुझसे पूछ लिया – हाँ तो वर्मा,  आप कहाँ पोस्टिंग चाहते हो ?

मैं उनके इस अचानक सवाल से घबरा गया , क्योंकि श्याम बाज़ार शाखा में मैं बहुत ही comfortable था | उन्होंने आगे कहा – कोलकाता सेंटर में आपके पांच साल पुरे हो चुके है , इसलिए आपकी अगली पोस्टिंग करनी होगी | चूँकि आपका काम ठीक ठाक है और आगे भी आपसे बैंक को काफी उम्मीद है | इसलिए मैं आपको आपकी पसंद की शाखा देना चाहता हूँ |

सच कहूँ तो, मैं इस विषय में पहले से कुछ सोच कर नहीं रखा था इसलिए घबराहट में बोल पड़ा – मैं अगला  पोस्टिंग पटना में  चाहता हूँ | चूँकि पटना मेरा  घर है इसलिए मुझे तुरंत पटना का ध्यान आ गया |

उन्होंने मुस्कुराते हुए मेरी तरह देखा और कहा — तुम्हे वहाँ की मुख्य शाखा को संभालना होगा |

मैंने कहा – ठीक है सर !

उन्होंने मेरे ज़बाब पर आश्चर्य से मेरी ओर देखा | क्योंकि उस शाखा में कोई भी जाना नहीं चाहता था | जो भी मेनेजर ज्वाइन करता, वह कुछ ही दिनों में किसी तरह अपनी पोस्टिंग  change करवा लेता था | लोग मजाक में कहते थे कि शाखा में कुछ जादू टोना किया हुआ है |

खैर, तीसरे दिन ही हमारी पोस्टिंग का लेटर आ गया | लेटर पाकर मैं बहुत खुश हो रहा था, तभी पटना के दुसरे शाखा के ब्रांच मेनेजर जो हमारे अच्छे मित्र है, उन्होंने फ़ोन किया |

हेल्लो वर्मा जी , आप को मुख्य शाखा की पोस्टिंग के लिए बहुत बहुत बधाई | लेकिन मेरी समझ में नहीं आता है  कि आप जान बुझ कर आत्महत्या क्यों कर रहे है ?

मैं उसके प्रश्न पर चौक गया, मुझे समझ में नहीं आया , वो ऐसा क्यों कह रहे | तभी उन्होंने  आगे कहा – आप मुख्य शाखा में पोस्टिंग क्यों ले रहे हो ? उस शाखा के बारे में आप को पता नहीं है क्या ? कोई भी मेनेजर वहाँ नहीं टिक सका है, तो आप कैसे संभाल पाओगे ?

मैंने कहा – पटना मेरा घर है और मैं कोलकाता की सेवा कर सकता हूँ तो पटना की क्यों नहीं ?

वाकई उन शाखा में  बहुत सारी अन्दुरुनी समस्याए थी | वहाँ के सभी स्टाफ मुझे पहले से जानते थे क्योंकि वहाँ पहले भी सबसे जूनियर ऑफिसर के रूप में काम कर चूका था |

संयोग से उन्ही दिनों ब्रांच renovation का काम शुरू हुआ | मैं बहुत मेहनत  कर उस शाखा को बिलकुल नया परिसर बना दिया | और अपने परिसर में गणेश जी की एक मूर्ति को स्थापित किया | मेरे मन में यह सोच थी कि भगवान् के स्थापना से वो सब नकारात्मक शक्तियां समाप्त हो जाएँगी |

हालाँकि मूर्ति स्थापना का कुछ लोगों ने विरोध भी किया क्योंकि यह एक सार्वजनिक संसथान है और यहाँ सभी धर्मों के लोग आते है |

फिर भी, मैं अपने फैसले पर अडिग रहा | और परिसर को काफी खुबसूरत बना दिया था |

मैं अपने को सौभाग्यशाली समझता हूँ कि renovated शाखा का उद्घाटन हमारे बैंक के सर्वोच्य अधिकारी, MD साहब और उनकी पत्नी के द्वारा किया गया | वे दोनों सबसे पहले गणेश भगवान् की  विधिवत पूजा किये और फिर परिसर का उद्घाटन किया गया |

मीटिंग के दौरान हमारे एक पुराने ग्राहक खुश होते हुए कहा – पहले यह शाखा कबाडखाना लगता था अब यह बिलकुल आधुनिक शाखा में बदल चूका है |

मैंने  अपने भाषण में कहा था – शाखा परिसर ही सुन्दर नहीं हुआ है,  हमारी कस्टमर सर्विस भी टॉप क्लास होगा और हम अपने शाखा के स्टाफ के साथ मिल कर शाखा के व्यवसाय को नयी उचाई पर लेकर जायेंगे | यह हमारा वादा है |

मैं अपने शाखा व्यवसाय को बढाने में व्यस्त हो गया | चूँकि मैं वहाँ का लोकल था इसलिए बिज़नस  हमारे लिए एक चुनौती था | हमारे बॉस को मुझसे बहुत उम्मीदें थीं ।

मैंने खूब मिहनत की |  हमारे परिश्रम को देखते हुए हमारे स्टाफ भी हर तरह का सहयोग करने लगे | शाखा की ग्राहक सेवा बहुत अच्छी हो गयी और इसका प्रभाव शाखा के बिज़नस पर देखने को मिला |

मैं शाखा की समग्र उत्पादकता और लाभप्रदता में सुधार लाने के लिए कुछ बड़े बिज़नस अकाउंट ब्रांच में जोड़े |

और सचमुच, वही शाखा के स्टाफ लोगों ने मुझे हर तरह का सहयोग किया और तीन सालों में अपने ब्रांच के business को एक नयी उचाई पर पहुँचाया | जिसका परिणाम हुआ कि शाखा का शुद्ध लाभ जो मेरे  जोइनिंग के समय १० लाख था वह बढ़ कर 2.00 करोड़ हो गया  |

सभी लोगों ने हमारी शाखा की खूब तारीफ की और मुझे अगला पोस्टिंग भी मनचाहा मिला | मैंने तो वहाँ से यही सिखा — मेहनत का फल मीठा होता है |

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Categories: मेरे संस्मरण

11 replies

  1. बहुत ही अच्छा एवं शिक्षाप्रद आलेख।

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  2. अति सुन्दर और सबों को प्रोत्साहित करने वाले विचार और सीखने योग्य अनुभव 🙏
    : *मेहनत का फल मीठा होता है* ✨

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  3. सही कहा सच्ची दिशा की मेहनत रंग लाती हि है, अभिनंदन

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  4. Bahut Acchha baat hai.Banking career me sab kuchh hota hai.Mehnat ki phal Mila.Ye Sabse badaa Aatma Santosh.

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  5. Reblogged this on Retiredकलम and commented:

    Morning is the best time to remember all your favorite people
    in the world who make you wake up with a smile on your face..

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  6. Congratulations on your successes with the Patna branch!

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