…तो बेहतर होता

Do not trust too much,
Do not love too much,
Do not hope too much
Because that too much can hurt you so much

Retiredकलम

दुनिया में कई लोग ऐसे भी हैं, जो काफी प्रयास करने के बाद भी वो चीज़ हासिल नहीं कर पाते है जिसकी तमन्ना वे दिल से करते है | और इस तरह वेहिम्मत हार जाते हैं, | और अंत मेंअपनी किस्मत को दोषी मानते हुएकुछ भी पाने की उम्मीद छोड़ देते हैं |

वे उदास रहने लगते हैं और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने की छटपटाहट उनमेलगी रहती है | कभी वे अपने आप से बातें करते है या कभी शब्दों के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते है |

वैसे तो ज़िन्दगी जीना है और ज़िन्दगी जीने के दो तरीके है — एक वो जो पसंद है उसे हासिल करो या दूसरा जो हासिल है उसे तुम पसंद करना सिख लो | यह रचना प्रेषित करने में लम्बा वक़्त लगा …पहले कर देता तो बेहरत होता ? आप अपनी प्रतिक्रिता अवश्य दें….

….. तो…

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2 replies

  1. हमारे जीवन में को कुछ भी है उसे सहर्ष स्वीकार करना चाहिए । खुशी सबसे बड़ी संतोष में हैं । अपनी सोच को सदा सार्थक उद्देश्य से जोड़ें और खुश रहें ।
    आपकी रचना प्रेरणा दायक है सर जी ।

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    • आप लोगों से वार्तालाप कर दिल को तसल्ली होती है /
      वैसे मैं सबको खुश रहने की नसीहत देता हूँ , लेकिन मुझे
      पता है कि आज के समय में यह कितना कठिन है |
      मैं भी कभी कभी दुखी ही जाता हूँ , लेकिन आप की रचनाओ
      को पढ़ कर एक ताजगी महसूस करता हूँ | लिखते रहिये |

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