#कोरोना की ऐसी की तैसी#

आज सोनू सूद का ट्वीट पढ़ा …कोरोना की ऐसी की तैसी, जल्द मिलता हूँ आप सब को | मुझमे भी आत्मविश्वास बढ़ गया, कल से गले की खराश के कारण डरा हुआ था |

आज पुरे सात दिनों के बाद मोर्निंग वाक करने का मन बना लिया | कोरोना की तीसरी लहर ने तो कुछ ज्यादा ही डरा दिया है | रोज़ मरीजो के आंकड़े के रिकॉर्ड रोज़ टूट रहे है |

इसलिए कुछ दिनों से मुझे घर पर ही कैद रहना पड़ रहा था | समाचार पत्रों की नकारात्मक खबर सुन कर और भी मन घबडा रहा था | इसलिए मैंने फैसला किया कि चाहे जो भी हो मुझे मोर्निंग वाक और एक्सरसाइज फिर से शुरू कर देना चाहिए |

मैं तैयार होकर मोर्निंग वाक हेतु पार्क में पहुँचा | जहाँ पहले खूब चहल पहल हुआ करती थी वह आज बिलकुल विराना लग रहा था | जहाँ बहुत सारे बच्चे खेलते थे, और जो लोग सुबह सुबह क्रिकेट ख्रेलते थे, वे आज सभी लोग नदारत थे | मैं अकेला ही टहलते हुए पार्क के दूसरे छोड़  तक गया तो हमारे और दो साथी मिल गए |

मैंने उनसे  पूछा – आप को कोरोना से डर नहीं लगता है ?

उन्होंने हँसते हुए जबाब दिया | हमारे सोसाइटी में ज्यादातर घरों में कोरोना ने दस्तक दे दी है और  इस कारण से हम  depressed महसूस कर रहे है |  .. हालाँकि  कोरोना से हम सब डरे हुए तो है ही, लेकिन यह भी सच है  कि ज्यादा नकारात्मक सोचते रहेंगे तो हमारा इम्यूनिटी (immunity)  सिस्टम कमज़ोर हो जायगा जो कि करोना से लड़ने के लिए बहुत ज़रूरी है | इसलिए हमें उससे डरने के बजाये लड़ने की तैयारी करनी होगी |

कोरोना के वायरस (virus) के अलावा हमारे दिमाग में भी दो तरह के वायरस विद्यमान है ..एक सकारात्मक तो दूसरा नकारात्मक सोच पैदा करता है | इसलिए पहले हमारे दिमाग में व्याप्त नकारात्मक वायरस का इलाज करना ज़रूरी है |

आइये, कुछ सकारात्मक (positive) बाते करते है ताकि अपने mind set को बदला जा सके | हमलोग सिर्फ तीन लोग ही टहलते हुए बातें कर रहे थे |

मैं ने कहा — परिस्थिति कितनी भी नकारात्मक क्यों ना हो उसमें  कुछ अच्छी बाते भी होती है जिसे हम नज़रंदाज़ कर देते है | यही नकारात्मक सोच के कारण बहुत सारी मुसीबतों को आमंत्रित कर लेते है | कोरोना के बारे में नकारात्मक  बाते तो हम सब सुन सुन कर थक चुके है, आइये आज  कुछ positive बातें करते है |

यह सच है कि करोना से बहुत कुछ  बाते सिखने को मिली है ओर वह यह है कि..

  • हम इंसान कितने भी ईगो (ego) और  घमंड में जीते हो लेकिन इसने हमें समझा दिया है कि प्रकृति के  सामने हमारी औकात  कुछ भी नहीं | इस प्रकृति के आगे इंसान कि कोई हस्ती नहीं है | अब तक हमलोगों ने इस nature को ignore किया है |
    आज प्रकृति ने एहसास दिलाने के लिए एक छोटा सा झटका इंसान को दिया दिया है | हम ने विज्ञानं में प्रगति बहुत की है,  अपने भविष्य के आराम के लिए बहुत धन  इकट्ठे कर लिए है, फिर भी हमारे लोग इलाज़ के बिना, ऑक्सीजन के बिना और बेड के बिना तड़पते हुए दम तोड़ चुके है |
  • हमने कितने ही planning किए | नदी नालो को शुद्द करने के लिए खूब पैसे खर्च किए ताकि प्रकृति को शुद्ध किया जाए और  नदियों- नालों को को स्वच्छ किया जाए परन्तु नहीं कर पाए | उसके विपरीत हमने हजारों लाशे गंगा में बहा दिए | सारे जंगल नष्ट कर दिए |  क्योंकि हम ईमानदारी के नहीं बेईमानी के रास्ते पर है, पुण्य के नहीं पाप के रास्ते पर है |
    आज हम बायोलॉजिकल weapon बना रहे है, तो हम कैसी भविष्य की कल्पना कर रहे है | इसीलिए तो आज हम तो घरों में बंद है और  पशु – पक्षी शुद्ध  प्रकृति का मजा उठा रहे है | अब तो हमें प्रकृति के प्रति सचेत होने कि ज़रुरत है |
  • यह भी आशंका जताई जा रही है कि यह virus आया है Bat और Snake के खाने की वजह से | सचमुच हम लोग नर-भक्षी हो गए है | Food के नाम पर हम क्या क्या खा रहे है ?  यह हमारा  शरीर आज एक कबिर्स्तान बन गया है जहाँ तरह तरह के जानवर के dead body डाले जा रहे है |
  • हमलोग हमेशा शिकायत के mode में जीते थे | Student को स्कूल से शिकायत थी, Employee को अपने office से शिकायत. और कुछ को शिकायत थी कि उसके पास अपनों के लिए समय ही नहीं है  |
    दुनिया आज जब थम सी गई है और हम घर में बैठने को मजबूर है |  तो फिर सारे लोग अपने वही पुराना रूटीन  लाइफ में वापस जाना  चाहते है | अब हमारे  बच्चे अपने स्कूल  को miss करने लगे है, और  वापस स्कूल जाना चाहते है |  हम ऑफिस को miss कर रहे है और  अब इंतज़ार है कि हमारी ऑफिस वाली रूटीन चालू हो जाए |
  • अब हम घर में आराम नहीं बल्कि वही पुराना busy schedule चाहते है | जो चल रहा था वो सही था |  अब हमें complain  mode से निकल कर Gratitude की भावना रखना चाहिए | रोज़ भगवान को धन्यवाद कहना चाहिए कि उन्होंने हमें स्वस्थ ओर सुरक्षित रखा है इस संसार में | यह सच है कि खो जाने के बाद ही उस चीज़ की  असल महत्व समझ में आती है |
  • एक महत्व पूर्ण जानकारी यह भी है  कि पुरे विश्व में करोना के कारण pollution level घट गया है | नदियों में साफ़ पानी बहने लगा है | यह भी सच है कि साल भर में pollution से जितनी मृत्यू होती थी उसके मुकाबले करोना के आंकड़े बहुत कम है | इस तरह भी हम positive way में सोच सकते है |

कैरोना से अपने ध्यान को  divert करना ज़रूरी है, और साथ ही अपनी इम्युनिटी को बढाने के उपाए भी करना ज़रूरी है | जिससे कैरोना जैसी महामारी से लड़ा जा सके | यह iइम्युनिटी तब कमज़ोर  हो जाती है जब हमारे विचार नकारात्मक हो जाते है, हम डरते है, गुस्सा करते है, तनाव में होते है, और  depressed होते है | इसलिए इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए ठीक इसके विपरीत सोचने होंगे | हमें  happiness, joy, love ओर  positivity को अपनाना  चाहिए |

स्वास्थ को सही रखने के लिए exercise, yoga , pranayam, healthy food, sound sleep ज़रूरी है | इससे रोग से लड़ने कि क्षमता मजबूत होगी |

आइये हम सब मिलकर योगा और exercise करें ..

इस तरह हमलोगों ने  पार्क में ही योगा  करना शुरू कर दिया | हमारे एक साथी ने   व्हाट्स अप्प पर सभी दोस्तों को मेसेज भेज दिए और देखते ही देखते  हमारे बहुत से साथी  मुर्गी के दरबों से निकल कर पार्क में हमारे साथ जुड़ गए |

एक जोरदार ठहाका लगा और सब ने जोर का नारा लगाया…. कोरोना की ऐसी तैसे |

क्या आप सब भी हमारे साथ कहेंगे .. करोना की ऐसी की तैसी ??.

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Categories: motivational

19 replies

  1. हां सर । कोरोना से डरो ना ।

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  2. मास्क, दो गज की दूरी और वैक्सीन ही इलाज है कोरोना का।

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  3. सुन्दर पोस्ट

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  4. Agar koi cheez acchi lage to hum log Mumbai mein kehte hain Sai hai baap.

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  5. मस्त रहो ,खुश रहो।
    सुन्दर पोस्ट।

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  6. Din mein busy hone ke wajeh se article nahin padh paya tha. Raat mein isey padhne par bada achha laga. Aap mujhe kehte the ke aap ko mera likhna pasand hai. Mere hisaab se aap mujhse bhi zyaada achha likhte hain.

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  7. Communication system is fast now.Social media is now more active.So we are now depending on what media presents.Accordingly,we have developed attitude which has impact on our immune system. Nice .

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