# ज़िन्दगी और मौत के बीच संवाद #

जीवन में सभी लोग किसी न किसी पर भरोसा कर के जीते हैं |
हमेशा यही कोशिश करें कि जो आप पर विश्वास करते है ,
उनका भरोसा कभी न टूटे …

Retiredकलम

ज़िन्दगी और मौत में जंग तो सदा से रही है | हम सब तो बस ज़िन्दगी की विसात पर बैठ कर शतरंज खेल रहे है | जैसे, कल ही की बात है .. जब

अचानक मौत मेरे सामने प्रकट हो गई और उसने मेरे ज़िन्दगी से शतरंज खेलने को कहा |

शर्त थी कि अगर मौत जीत जाती है तो वह मुझे लेकर जाएगी |

ज़िन्दगी ने कहा — लेकिन, पहली चाल मेरी होगी |

इस पर मौत ने कहा — बिलकुल, अगर तुम अपना चाल चलोगी नहीं तो मैं counter move कैसे करूँगा | तुम्हे हराना जो है |

ज़िन्दगी ने कहा..– मुझे स्वीकार करना होगा, कि तुम दिन प्रतिदिन अधिक चतुर होते जा रहे हो |

मौत ने जबाब दिया — तुम ने ठीक ही कहा | इसे हम इस तरह से कहें कि. हम सब इस खेल को सृष्टि की शुरुआत से ही खेल रहे हैं…

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Categories: Uncategorized

4 replies

  1. बहुत सुंदर रचना है सर ।

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  2. Interesting पोस्ट है।

    Liked by 1 person

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